पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले की आज दूसरी बरसी है. फरवरी का दिन इतिहास में जम्मू कश्मीर की एक दुखद घटना के साथ दर्ज है. दो साल बीतें, लेकिन उस घटना के जख्म आज तक हरे हैं, जब आतंकवादियों ने इस दिन को देश के सुरक्षाकर्मियों पर कायराना हमला किया था. राज्य के पुलवामा जिले में जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी ने विस्फोटकों से लदे वाहन से सीआरपीएफ जवानों की बस को टक्कर मार दी, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए और कई गंभीर रूप से घायल हुए थे.

बता दें कि दो साल पहले हुए इस आत्मघाती हमले हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे. कश्मीर के पुलवामा में जैश-ए-मोहम्मद के एक फिदायीन आतंकी दस्ते ने सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया था. जिसके बाद भारत ने पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया और जवानों का बदला लिया था.

जब पुलवामा पर यह हमला हुआ तो देश का सीना मानो छलनी हो गया. हर किसी के दिल में दर्द था और आंख में आंसू. पुलवामा के शहीदों को आतंकियों ने जिस कायराना तरह से मौत के घाट उतार उसकी पूरे देश ने निंदा की. देश में आक्रोश देखा गया और गुस्से की एक लहर पूरे देश ने महसूस की.