उत्तर प्रदेश में पंचायती राज विभाग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यूपी में होने वाले आगामी पंचायत चुनाव को लेकर आरक्षण अधिसूचना जारी की है. अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने अधिसूचना को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि 826 ब्लॉक , 58194 ग्राम पंचायतों में वॉर्डों की संख्या का गठन हो चुका है. पंचायत चुनाव में रोटेशन रिजर्वेशन लागू किया जाएगा, पिछले 5 निर्वाचन में हुए आरक्षण का संज्ञान लिया जाएगा. जिन पदों पर पहले कभी आरक्षण नहीं हुआ है, उन्हें वरीयता दी जाएगी.

वहीं प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई बातें कहीं गईं. कहा गया कि पिछले पांच चुनावों के वह पद किसके लिए आरक्षित था उसका संज्ञान लिया जाएगा. जिला पंचायत अध्यक्ष एवं वार्ड मेंबर क्षेत्र पंचायत के सदस्य ग्राम प्रधान एवं उनके सदस्य सभी के सीटों का निर्धारण किया जा चुका है. इस शासनादेश में उनके आरक्षण आवंटन की व्यवस्था घोषित की गई है।. 2015 में आरक्षण की जो स्थिति है वह 2021 में नहीं होगी. जो पद शेड्यूल कास्ट या फिर शेड्यूल कास्ट महिला के लिए हैं, वे अनारक्षित व ओबीसी हो सकते हैं.

साथ ही कोई भी ऐसा पद जो आज तक शेड्यूल कास्ट के लिए आरक्षित नहीं किया गया है वह भी शेड्यूल कास्ट के लिए आरक्षित होगा. जैसे जिला पंचायत का कोई अध्यक्ष पद नहीं आरक्षित रहा है, वह आरक्षित हो सकता है फिर इसी तरह यह देखा जाएगा कि कोई ऐसा पद जो ओबीसी के लिए आरक्षित नहीं हुआ है वह ओबीसी के लिए आरक्षित होगा, फिर इसी तरह महिला आरक्षण को भी देखा जाएगा और इसी क्रम में आरक्षित किया जाएंगे.

पूरे प्रदेश में 2 जिला पंचायत ऐसी थीं जो आज तक शेड्यूल कास्ट के लिए नहीं आरक्षित हुईं एवं 7 ऐसी जिला पंचायतें थीं जो महिलाओं के लिए आरक्षित नहीं हुईं. 826 ब्लॉकों में जिलेवार किस श्रेणी में आरक्षण होगा, यह राज्य स्तर पर जारी किया जाएगा एवं जिला पंचायतों की आरक्षण प्रक्रिया भी राज्य स्तर पर जारी होगी. अपर मुख्य सचिव ने कहा कि 2 मार्च से लेकर 8 मार्च तक आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है. जिसे भी आपत्ति करनी है, लिखित आपत्ति दर्ज करानी पड़ेगी. पुरानी पुरानी व्यवस्था के तहत चुनावों में शिक्षा आड़े नहीं आएगी.