राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत शुक्रवार को 88 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गई है. चौथे दिन भी लगातार पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी हुई. कंपनियों की अधिसूचना के मुताबिक पेट्रोल की कीमत में 29 पैसे प्रति लीटर तक और डीजल की कीमत में 38 पैसे प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई है. इसके बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 88.14 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 94.64 रुपये प्रति लीटर हो गई.

बता दें कि चार दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगभग 1.20 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है. स्थानीय कर और भाड़े के आधार पर विभिन्न राज्यों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अलग-अलग होती हैं. राज्यसभा में तेल मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार तेल कीमतों में राहत देने के लिए उत्पाद शुल्क घटाने पर विचार नहीं कर रही है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत पिछले एक साल में पहली बार 61 डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो गई है.

जहां पेट्रोल और डीजल के दाम में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और अन्य चीजें जोड़ने के बाद इसका दाम लगभग दोगुना हो जाता है. वहीं अगर केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों का वैट हटा दें तो डीजल और पेट्रोल का रेट लगभग 27 रुपये लीटर रहता, लेकिन चाहे केंद्र हो या राज्य सरकार, दोनों किसी भी कीमत पर टैक्स नहीं हटा सकती. क्योंकि राजस्व का एक बड़ा हिस्सा यहीं से आता है.

बता दें पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को राज्यसभा में एक लिखित जवाब में कहा था कि दिल्ली में पेट्रोल के दाम में केंद्र सरकार के उत्पाद शुल्क का हिस्सा 32.98 रुपये है. वहीं इसमें राज्य सरकार के बिक्री कर या मूल्य वर्धित कर (वैट) का हिस्सा 19.55 रुपये है. दरअसल विदेशी मुद्रा दरों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमत के आधार पर रोज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियां कीमतों की समीक्षा के बाद रोज़ाना पेट्रोल और डीजल के रेट तय करती हैं.