प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के ‘आंदोलनजीवी’ वाले बयान पर अब राजनीतिक प्रतिक्रयाएं आना शुरु हो गई है. पीएम के बयान के बाद कांग्रेस ने कहा कि ये किसानों का अपमान है. तो वहीं संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि हमें आंदोलनजीवी होने पर गर्व है. वहीं इस बीच शिवेसना के  नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने ट्वीट कर कहा कि गर्व से कहो हम सब आंदोलनजीवी हैं.

बता दें कि शिवेसना नेता संजय राउत ने ट्वीट करते हुए कहा कि “गर्वसे कहो…हम सब आंदोलनजीवी हैं. जय जवान. जय किसान!” इस ट्वीट के साथ संजय राउत ने भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के साथ अपनी तस्वीर शेयर की. बता दें कि  हाल ही में दिल्ली-यूपी गाजीपुर बॉर्डर पर संजय राउत ने टिकैत से मुलाकात की थी.

वहीं महाराष्ट्र सरकार में मंत्री अशोक चव्हाण ने कहा कि आंदोलनजीवी शब्द का इस्तेमाल किसानों का अपमान है. उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, “मानवता को जिंदा रखने में किसान महत्वपूर्ण योगदान देते हैं. किसानों के प्रदर्शन के लिए हास्यास्पद तरीके से ‘आंदोलनजीवी’ शब्द का इस्तेमाल करना किसानों का अपमान है. यह उनका अनादर हैं. इस तरह के शब्द का इस्तेमाल स्वीकार्य नहीं है.

उधर प्रधानमंत्री के बयान पर संयुक्त किसान मोर्चा ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा प्रधानमंत्री द्वारा किसानों के किए गए अपमान की निंदा करता है, और किसान प्रधानमंत्री को याद दिलाना चाहेंगे कि वे आन्दोलनजीवी ही थे जिन्होंने भारत को औपनिवेशिक शासकों से मुक्त करवाया था और इसीलिए हमें आंदोलनजीवी होने पर गर्व भी है. यह भाजपा और उसके पूर्वज ही है जिन्होंने कभी भी अंग्रेजों के खिलाफ कोई आंदोलन नहीं किया. वे हमेशा जन आंदोलनों के खिलाफ थे इसलिए वे अभी भी जन आंदोलनों से डरते हैं.

बता दें कि राज्यसभा में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने इस शब्द का इस्तेमाल किया. प्रधानमंत्री ने कृषि सुधारों पर ‘यू-टर्न’ लेने के लिए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया और कहा कि पिछले कुछ समय से इस देश में ‘आंदोलनजीवियों’ की एक नई जमात पैदा हुई है जो आंदोलन के बिना जी नहीं सकती.