यूपी के मीरजापुर में स्थित विश्व विख्यात मां विंध्यवासिनी धाम में कॉरिडोर निर्माण मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है, इसे काशी और अयोध्या के तर्ज पर बनाने का कार्य हो रहा है. विंध्यवासिनी धाम से ही गंगा दर्शन के लिए भी प्रोजेक्ट में व्यवस्था की गई है, कॉरिडोर निर्माण के दौरान विस्थापित भवन स्वामियों और दुकानदारों को स्थापित किया जाएगा. जहां इस कॉरिडोर के लिए चल रहे कार्य का जायजा लेने पहुंचे मंडलायुक्त ने धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को पैदल चलने में हो रही परेशानी को देखते हुए खुद सफाई कर कर्मचारियों को निर्देश दिया.

बता दें कि आदि शक्ति मां विंध्यवासिनी धाम में कॉरिडोर का निर्माण कर इसे और सुंदर और दर्शनीय बनाने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है.  देश विदेश से भारी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को और भी सुविधा देने के लिए कॉरिडोर के निर्माण कार्य के अंतर्गत आसपास के भवनों और दुकानों को सरकार ने उनके स्वामियों से रजिस्ट्री कराने के बाद तोड़फोड़ कर मंदिर के चारों ओर 50 फुट चौड़ा कॉरिडोर बनाने का रास्ता तैयार किया है.  

वहीं नगर विधायक ने इस कॉरिडोर को लेकर मुख्यमंत्री के मिशन पर बात करते हुए बताया कि इसका  निर्माण होने से मिर्जापुर जिला प्रदेश ही नहीं देश के नक्शे पर अपनी एक अलग पहचान स्थापित करेगा.  मंदिर से मां गंगा का सीधे दर्शन श्रद्धालुओं को मिले इसके लिए भी प्रोजेक्ट में व्यवस्था की गई है, इसके साथ ही जनपद के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भी सुंदरीकरण किया जाएगा.  मंदिर के 50 फीट के दायरे में आने वाले दुकानों और भवनों को प्रशासन ने उनके स्वामियों से रजिस्ट्री करा लिया है जिसको लेकर उनके मन में उजड़ने की जो आशंका है उसको दूर करते हुए कहा कि सरकार सभी को दुकान और आगे मकान देने की योजना पर भी विचार कर रही है

तो वहीं कॉरिडोर मैं चल रहे कार्यों का जायजा लेने पहुंचे विंध्याचल मंडलायुक्त ने तोड़फोड़ के बाद बिखरे पत्थरों के चलते धाम में आने वाले महिलाओं और बुजुर्ग श्रद्धालुओं की परेशानी को देखते हुए खुद फावड़े को लेकर सफाई करते हुए वहां कार्य में लगे कर्मचारियों को निर्देशित किया कि किस तरह साफ सफाई कर रास्ते को सुगम बनाया जाए