उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने के बाद यूपी में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है, गंगा किनारे आने वाले जिलों गांवों के लिए डीएम व एसपी को अलर्ट रहने को कहा गया, उसके बाद जनपद हापुड़ में गंगा नगरी बृजघाट और गढ़मुक्तेश्वर में पुलिस प्रशासन मुस्तैद हो गया है और अलर्ट दिखाई दे रहा है. हापुड़ जिले के डीएम और एसपी को भी अलर्ट रहने के लिए कहा गया है, एडीएम हापुड़ व एसपी हापुड़ ने सम्बंधित चौकीयो को अलर्ट कर गंगा से सटे गांवों में मुनादी करवाई गई है, साथ ही खादर क्षेत्र के गंगा टापू पर बसे गांवों को खाली कराया जा रहा है.

इसके अलावा एनडीआरएफ और पीएसी को भी तैनात किया जा रहा है, गंगा किनारे नजदीक घाटों पर लोगों को गंगा से उचित दूरी बनाने के लिए सचेत किया जा रहा है, एनडीआरएफ और पीएसी को भी अलर्ट पर रखा गया है. एडीएम हापुड़ ने बाढ़ चौकी अलर्ट कर दी है गंगा किनारे से ग्रामीण हटाए जा रहे हैं.

आपको बता दें कि उत्तराखंड में ग्लेशियर फटने से नदियों में जलस्तर बहुत ज्यादा बढ़ गया है, इसके बाद उत्तर प्रदेश में गंगा किनारे वाले जिलों में अलर्ट जारी कर दिया गया है, हापुड़ डीएम अदिति सिंह ने भी आदेश दे दिए हैं. इसी के चलते हापुड़ पुलिस प्रशासन के आलाधिकारी खुद गंगा से सटे गांवों में पहुंच कर मौका मुआयना कर रहे हैं. एडीएम हापुड ने बताया कि गंगा किनारे के गांवों को खाली कराया जा रहा है, गंगा किनारे से ग्रामीण हटाए जा रहे हैं, उन्होंने बताया कि गंगा के टापू पर बसे गांव को खाली कराने का प्लान बनाया जा रहा है, एनडीआरएफ और पीएसी को बुलाया गया है वहीं, गढ़मुक्तेश्वर में गंगा खादर किनारे वाले गांवों में पुलिस एनाउंसमेंट कर लोगों से अलर्ट रहने की अपील कर रही है, उधर, गंगा किनारे खेतों से ग्रामीणों को वापस कर दिया गया है, गांवों में पुलिस एनाउंसमेंट कर रही है,

दरअसल हर बार बरसात के दिनों में गंगा से सटे गांवों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है अब उत्तराखंड में हुई घटना के बाद भी अंदेशा जताया जा रहा है, कि हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर गंगा से सटे गांवों में भी पानी आ सकता है, इसके चलते हापुड़ पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो चुका है .