उत्तराखण्ड के चमोली में ग्लेशियर फटने से आई बाढ़ से हुई त्रासदी के बाद सम्भल जिले की गुन्नौर तहसील में राजघाट गंगा में बाढ़ आने की आशंका को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है. प्रशासन के निर्देश पर राजघाट गंगा के आसपास आवाजाही पर पाबंदी लगा दी गई है. बाढ़ चौकियों को सक्रिय करने और स्कूल कालेजों में राहत शिविर स्थापित किए जाने के निर्देश दिए गए है.

जहां जनपद सम्भल की गुन्नौर तहसील के एसडीएम प्रेम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया की उत्तराखण्ड के चमोली में ग्लेशियर फटने से बाढ़ त्रासदी के बाद गुन्नौर तहसील की राजघाट गंगा में बाढ़ आने से राजघाट गंगा किनारे बसे गांवो के बाढ़ की चपेट में आने की आशंका है. इसलिए प्रशासन ने राजघाट गंगा किनारे बसे गांवो और राजघाट गंगा तट पर मुनादी करवाकर गंगा के आसपास आवाजाही पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है.

वहीं हालात पर नजर रखने के लिए लेखपाल और ग्राम पंचायत सेकेट्री तैनात किए गए है. बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है ,इलाके के स्कूल कालेज में बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत शिविर बनाए जाने के निर्देश जारी किए गए. एसडीएम प्रेम सिंह ने यह भी बताया की हरिद्धार गंगा में जलस्तर बढ़ने पर राजघाट गंगा का जलस्तर 4 से 5 घंटे बड़े रहने की संभावना है.