वेब सीरीज मिर्जापुर के निर्माता और निर्देशक समेत तमाम लोगों को अब सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस भेज कर जवाब मांगा है. जिले को लेकर मनगढ़ंत कहानी बनाकर पेश करने पर जिले के मूल निवासी सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार किया है.

बता दें कि पोल्ट्री मिर्जापुर वेब सीरीज में जनपद की धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन को दर किनार कर जो दर्शाया गया है उससे जन मानस को आघात पहुंचा है. जिले को माफिआयो का शहर बना कर दिखाया गया है. जबकि अशोक स्तम्भ सी लिए पत्थर इस जिले से निकाला गया । 18 वीं शताब्दी में यह जिला विश्व का प्रमुख व्यापारिक केंद्र रहा है. जिले के पत्थर, पीतल बर्तन उद्योग को दर किनार कर असलहों का बाज़ार दिखाया गया है. जनपद वासियों को असभ्य और माफिया दर्शाने से जिले के लोगों के प्रति नजरिया बदलने से उनकी नौकरी और सामाजिक जीवन में असर पड़ा है.

अब पार्ट थ्री की शूटिंग की जा रही है. सुप्रीम कोर्ट ने याचिका दाखिल होने के बाद उसी दिन संज्ञान लेकर नोटिस जारी किया है. सुनवाई के लिए आठ मार्च की तारीख तय किया है.