अलीगढ़ में पिछले दिनों थाना क्वार्सी क्षेत्र में हुए डॉ शैलेंद्र सिंह अपहरण कांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से एक आरोपी मोहित चौधरी को अपनी गर्लफ्रेंड से भाग कर शादी करने के लिए पैसे की आवश्यकता थी. जिसके बाद उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर डॉक्टर के अपहरण का प्लान बनाया. पकड़े गए पांचों आरोपियों का एक बड़ा आपराधिक इतिहास भी है. इन पर कासगंज एटा अलीगढ़ सहित कई जगह पर मुकदमे दर्ज हैं.

दरअसल थाना क्वार्सी पर दिनांक 28 जनवरी को मीनू चौधरी ने अपने पति डॉ शैलेंद्र सिंह के अपहरण व फिरौती के लिए फोन आने की सूचना दी. जिसके आधार पर पुलिस ने थाना क्वारसी में अपहरण का मामला दर्ज कर लिया। बदमाशों के द्वारा दो बार फ़ोन कर फिरौती मांगी गई. लेकिन पुलिस के अनुसार पुलिस के दबाव में बदमाशों ने डॉक्टर को छोड़ दिया. जिसके बाद से पुलिस लगातार बदमाशों की तलाश कर रही थी. पुलिस ने सर्विलांस इत्यादि के माध्यम से घटना में शामिल एक अभियुक्त अनुज चौधरी निवासी क्वारसी जिला अलीगढ़ को पूछताछ के लिए बुलाया। जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने घटना में शामिल होने का खुलासा कर दिया और अपने अन्य साथी बदमाशों के नाम पुलिस को बता दिए.

पुलिस ने अनुज के अन्य साथी अनुकल्प चौहान,हिमांशु चौधरी ,मोहित चौधरी और व अंकित शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस को उनके पास से घटना में प्रयुक्त कार ,डॉक्टर शैलेंद्र का मोबाइल, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस व उनका बैग बरामद कर लिया. पुलिस ने जब बदमाशो से पूछताछ की तो अभियुक्त मोहित चौधरी ने बताया कि उसे अपनी गर्लफ्रेंड से भाग कर शादी करनी थी जिसके लिए पैसों की आवश्यकता थी. इसकी पूर्ति के लिए मोहित ने अपने दोस्त हिमांशु से पैसों के लिए कहा तो उसने कहा कि पैसे मेरे पास नहीं है लेकिन एक काम कर लेते हैं। डॉ शैलेन्द्र साक्षी बिहार में रहते हैं उनका अपहरण कर लेते हैं। वह सीधा साधा है। फिर तीनों ने मिलकर अपने दोस्त अनुकल्प चौहान व अंकित शुक्ला के साथ मिलकर योजना बनाई.

डॉक्टर शैलेंद्र सिंह का अपरहत के लिए वाहन की आवश्यकता थी तो अंकित ने अपने दोस्त प्रशांत गुप्ता दुकान से उसकी कार को मंगा लिया। दिनांक 28 तारीख की सुबह 7:00 बजे तीनों ही लोग कार में थे. 2 लोग उनके साथी डॉक्टर शैलेंद्र की रेकी कर रहे थे। जैसे ही डॉक्टर शैलेंद्र सिंह अपने घर से निकल कर इगलास जा रहे थे तभी उन तीनों ने तमंचा लगाकर उनको स्विफ्ट कार में डाल लिया। गाड़ी को मोहित चौधरी चला रहा था। उनको थाना मिरहची जनपद एटा में अनुकल्प चौहान के गांव में बंद करके रखा गया था.