अलीगढ़ एएमयू के पूर्व छात्र शरजील उस्मानी द्वारा हिन्दू समाज को अपमानित किये जाने के विरोध स्वरूप आज बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने थाना गांधी पार्क पर पुलिस उपाधीक्षक राघवेंद्र सिंह को एक ज्ञापन दिया और मांग की कि शरजील उस्मानी के खिलाफ एफ आई आर दर्ज हो. बजरंग दल कार्यकर्ताओं का कहना था कि यदि इस तरह के हालात रहे तो बजरंग दल कार्यकर्ता शस्त्र उठाने को मजबूर हो जाएगा.

दरअसल एएमयू के पूर्व छात्र नेता शरजील उस्मानी ने 3 दिन पूर्व महाराष्ट्र के पुणे में एक विवादित बयान दिया. शारजील उस्मानी ने हिंदू समाज को सड़ा हुआ बताया जिसके बाद से लगातार शारजील उस्मानी हिंदूवादी नेताओं के निशाने पर हैं. ऐसा नहीं है कि शारजील उस्मानी ने इस तरह का भड़काऊ बयान पहली बार दिया हो. इससे पहले भी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में सीएए व एनआरसी के विरोध के दौरान भड़काऊ भाषण देने, हिंसा करने को लेकर थाना सिविल लाइन में एफआई आर दर्ज की गई थी. अब उसने फिर इस तरह का विवादास्पद बयान देकर माहौल को गर्म कर दिया है. अब अलीगढ़ में भी उसके खिलाफ एफआईआर की मांग की गई है.

बजरंग दल के महानगर संयोजक गौरव शर्मा ने बताया कि पुणे में एएमयू के पूर्व छात्र शारजील उस्मानी ने हिंदू धर्म को लेकर अपशब्द कहे हैं और हिंदू धर्म का अपमान किया है. मैं शारजील उस्मानी से पूछना चाहता हूं कि हिंदू धर्म किस प्रकार से सड़ा हुआ है. 1947 में संप्रदाय के आधार पर भारत का विभाजन हुआ था फिर भी जनसंख्या के आधार से ज्यादा इनको जमीन दे दी गई. अब यह कहते हैं कि हिंदू समाज सड़ा हुआ है. शारजील यदि आप इस देश का खाते हो और इस देश में रहते हो तो इस देश का बन कर रहो सरकार की मानसिकता सीधी सीधी है पूरे देश में शांति रहे और कोई अशांति करने की कोशिश करेगा तो कार्रवाई होगी.

मैं योगी जी और भारत सरकार से मांग करता हूं इनके पासपोर्ट वीजा जब्त किए जाये. ये जिस देश को अपना आका बताते हैं वही इन सब को भेजने की व्यवस्था की जाए. मुसलमान कहीं भी डरा हुआ नहीं है. इसका उदाहरण अलीगढ़ में हुई हिंसा है। बजरंग दल का सीधा सिस्टम है, भाजपा का अपने विचार हो सकता है कि सबका साथ सबका विकास लेकिन बजरंग दल कहना है कि हम किसी धर्म विशेष या मजहब पर टिप्पणी नहीं करेंगे और यदि कोई हमारे धर्म पर टिप्पणी करेगा तो धर्म की रक्षा के लिए हम शस्त्र भी उठाना पड़े तो हम शस्त्र उठाएंगे।और इसका विरोध करेंगे.