अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र के खिलाफ अलीगढ़ प्रशासन द्वारा जिला बदर करने की कार्रवाई की गई है. एएमयू छात्र नेता पर सिविल लाइन थाने मे सात मुकदमे दर्ज थे, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुचांना व सरकारी काम में बाधा डालने का भी आरोप लगा है। एएमयू में एमए का छात्र है आरिफ त्यागी. जहा 2019 व 2020 मे नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हुऐ विरोध प्रदर्शनों में शामिल रहा था. इसके साथ और कई संबंधित अन्य मामलों में भी पुलिस प्रशासन द्वारा शामिल किया गया था.

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र आरिफ त्यागी के खिलाफ अलीगढ़ के जिला प्रशासन के द्वारा जिला बदर की कार्यवाही की गई है। एएमयू छात्र नेता आरिफ त्यागी पर अलीगढ़ के थाना सिविल लाइन के अन्दर 7 मुकदमे दर्ज है. सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी काम में रूकावट डालने का भी छात्र नेता पर आरोप हैं. तो वही एएमयू में एमए का छात्र है आरिफ त्यागी. जिस पर सीएए, एनआरसी के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल रहा था।इसके अलावा अन्य कई मामलों में भी एएमयू छात्र नेता का नाम पुलिस प्रशासन द्वारा शामिल किया गया. तो वही अलीगढ़ के सिविल लाइन थाने के अंदर छात्र नेता आरिफ त्यागी के खिलाफ धारा 147,146, 342, 360, 504 ,153 ए, 153b बी, 323, 363, 332, 188, 341,7 सीएलए के तहत मुकदमे दर्ज है. अलीगढ़ की एडीएम सिटी कोर्ट ने आरिफ त्यागी को अगले 6 महीने के लिए जिला बदर कर देने के आदेश जारी किए हैं.

जिला बदर की कार्यवाही किए जाने के बाद आरिफ त्यागी ने कहा कि मैं एएमयू का छात्र हूं और मैंने छात्र होने के नाते अपना फर्ज निभाया. छात्रों के लिए अपनी आवाज को बुलंद किया। हक ओर इंसाफ के लिए हमेशा अपनी आवाज को बुलंद किया. लोकतांत्रिक देश में आवाज उठाना गुनाह है. न्यायालय ने जो यह फैसला दिया है वह कहीं ना कहीं गलत है. क्योंकि हिंदुस्तान कहीं ना कहीं लोकतांत्रिक है और कोर्ट ने जो फैसला सुनाया है मैं उसके खिलाफ हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में अपना रुख करूगा.