गाजीपुर बॉर्डर में नए कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसान आंदोलन को लेकर भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत का आरोप है कि पुलिस ने रात को इनके कैंप की बिजली काट दी. किसानों ने पुलिस और सरकार पर आंदोलन को अस्थिर करने का आरोप लगाया है.

जिसके बाद किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि प्रशासन ने आज माहौल खराब कर दिया है. लाइट बंद कर दी. डर का माहौल बनाया जा रहा है. इसलिए हम लोग यहां रात में जाग रहे हैं. प्रशासन चाहता है कि हमारा आंदोलन खत्म हो जाए. टिकैत ने दिल्ली पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने के सवाल पर कहा कि जब आंदोलन कर रहे है, तब मामला दर्ज किया जाएगा.

साथ ही भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि अगर दिल्ली पुलिस जांच को ज्वॉइन करने के लिए बुलाएगी तो जरूर जाएंगे. कुछ किसान संगठनों द्वारा प्रदर्शन वापस लेने पर टिकैत ने कहा कि गाजीपुर बॉर्डर पर बिजली कटते ही वो लोग भी गायब हो गए. इसके साथ ही राकेश टिकैत ने कहा कि हमारा आंदोलन जारी रहेगा, लाल किले पर जो कुछ हुआ और जिसने भी किया, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, जो भी हुआ और जिसने भी किया, हम उनके साथ नहीं है, ट्रैक्टर रैली का जो रूट था, उस पर पुलिस ने जाने नहीं दिया.

बता दें कि दिल्ली में हुई हिंसा के बाद किसान संगठनों में दरार देखने को मिल रही है. नोएडा के चिल्ला बॉर्डर पर किसान संगठन भारतीय किसान यूनियन (भान) ने धरना खत्म करने का ऐलान किया है. वहीं, मजदूर किसान यूनियन ने भी आंदोलन से अलग होने का एलान कर दिया है, जिसके बाद से चिल्ला बॉर्डर से बेरिकेड्स हटा दिए गए हैं.