मिर्जापुर में हुई किसानों की महापंचायत, केंद्र सरकार द्वारा लागू तीनों कानून को बताया किसानों के लिए डेथ वारंट, काले कानून को समाप्त होने तक किसान करेंगे आंदोलन, 26 जनवरी को दिल्ली कूच से पहले करेंगे राजभवन का घेराव, लो वोल्टेज और प्रशासन की उदासीनता के चलते किसानों को सिंचाई के लिए नहरों से नहीं मिल रहा है पानी.

मोहनपुर डाक बंगले पर बुधवार को किसानों की महापंचायत हुई. जिले के कोने कोने से जुटे किसानों ने सरकार को किसान विरोधी बताते हुए केंद्र सरकार द्वारा लागू तीनों कानूनों को किसानों के लिए डेथ वारंट बताते हुए कहा कि जब तक इन काले कानूनों को समाप्त नहीं किया जाता है, तब तक हमारा आंदोलन चलता रहेगा. महापंचायत का नेतृत्व कर रहे किसान का कहना है कि बाणसागर की नहर हमारे क्षेत्र से होकर गुजर रही है पर उसका पानी आज तक हमें नसीब नहीं हुआ लिफ्ट कैनाल भी लो वोल्टेज के चलते कार्य नहीं कर रहे हैं . 0 नहरों की उचित देखभाल न होने से वह जीर्ण शीर्ण हो गयी है, जिसके चलते सिंचाई के लिए किसानों को पानी नही मिल रहा है और किसानो को परेशान होना पड़ रहा है.

महापंचायत में पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना काल में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीनों कानून किसानों के लिए डेथ वारंट हैं, इसका सैकड़ों किसान संगठन विरोध कर रहे हैं. दिल्ली बॉर्डर पर पिछले 53 दिनों से लगातार किसान अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं, सारे किसान संगठन केंद्र सरकार के कानून का विरोध लगातार कर रहे हैं. 26 जनवरी को दिल्ली कूच करने के सवाल पर कहा कि 23 जनवरी को उत्तर प्रदेश की राजधानी में राजभवन का घेराव करेंगे और आगे जैसा निर्देश मिलेगा दिल्ली कूच करने का हम उस पर अमल करेंगे.