दिल्ली के चांदनी चौक के लगभग 60 साल पुराने मंदिर के टूटने के बाद अब विवाद बढ़ गया है. इसे लेकर सत्ताधारी आम आदमी पार्टी और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी एक-दूसरे पर मंदिर तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं. इसके साथ ही विश्व हिंदू परिषद के सदस्यों ने चांदनी चौक पहुंचकर प्रदर्शन किया. वहीं मामले में अब कांग्रेस भी कूद पड़ी है.

एक ओर जहां आम आदमी पार्टी ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा शासित एमसीडी पर आरोप लगाया कि उन्होंने कोर्ट में हलफनामा दिया था कि ये मंदिर अतिक्रमित जमीन पर है, इसे तोड़ा जाए. आरोप ये भी है कि एमसीडी ने रविवार को सुबह के वक्त जब बारिश हो रही थी तब ये मंदिर तोड़ा ताकि कोई रोकने न आ सके. पार्टी का कहना है कि भाजपा ने ये मंदिर तुड़वाया और अब जनाक्रोश से बचने के लिए झूठ बोल रही है.

वहीं दूसरी तरफ भाजपा का कहना है कि चांदनी चौक पुनर्निर्माण प्रोजेक्ट दिल्ली सरकार का है, ऐसे में वह शुरू से चाहती थी कि यह मंदिर यहां से हट जाए. दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने तो ये भी मांग की है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल चांदनी चौक की सौंदर्यीकरण योजना के डिजाइन में बदलाव कर हनुमान मंदिर को पुन: स्थापित करने की व्यवस्था करें. भाजपा उपराज्यपाल अनिल बैजल से भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करेगी.

वहीं आज चांदनी चौक प्रदर्शन करने पहुंचे विश्व हिंदु परिषद के सदस्यों का कहना है कि चाहे मंदिर किसी ने भी तोड़ा हो, हमें मंदिर दोबारा चाहिए. जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होगी हम यहां प्रदर्शन करते रहेंगे.

बता दें, हनुमान मंदिर को लेकर एक-दूसरे पर निशाना साध रहे आप-भाजपा दोनों को इस मुद्दे पर कांग्रेस ने आड़े हाथों लिया है. प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी ने कहा कि दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं लेकिन सच ये है कि दिल्ली सरकार की सहमति से ही उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने मंदिर को हटाया है.