जब जब देश की रक्षा की बात आई है ,तब देश की रक्षा में तैनात जवानों ने अपनी जान को दांव पर लगा दिया है, यही कारण है आज भी भारत की रक्षा में तैनात जवानों को सुरक्षा के लिहाज से सर्वश्रेष्ठ चुना जाता है.

दरअसल जम्मू कश्मीर के गांदरबल में बीते 23 दिसंबर को पाक के द्वारा किये गए ग्रेनेड के हमले में घायल हुए अलीगढ़ के थाना गौंडा के गांव पिसावा गड़ा खेड़ा क्षेत्र के निवासी सीआरपीएफ 162 के जवान नेत्रपाल सिंह शहीद हो गए. श्रीनगर के हॉस्पिटल में भर्ती जवान ने अंतिम सांस ली. जवान का पार्थिव शरीर अलीगढ़ पहुंचने पर राजकीय सम्मान के साथ कल उनका अंतिम संस्कार किया गया.

आपको बतादें पिसावा गांव के नेत्रपाल सिंह का जन्म सन 1971 में अलीगढ़ के थाना गौंडा क्षेत्र के गांव पिसावा गड़ा खेड़ा में हुआ था, नेत्रपाल सिंह श्रीनगर में CRPF 162 बटालियन में सूबेदार के पद पर तैनात थे. वह गत दिनों 23 दिसंबर को पाकिस्तानी हमले मे घायल होने के बाद ICU में भर्ती कराया गया थे. उपचार के दौरान फौजी की मृत्यु हो गई. ग्रेनेड हमले में शहीद हुए फौजी का शव दिल्ली से होकर थाना गौंडा के पिसावा के गड़ा खेड़ा गांव में कल शाम 7 बजे पहुचां फौजी के शहीद होने के बाद एक तरफ जहाँ गांव वालों का सीना फक्र से चौड़ा हो गया है. तो वहीं परिवार वालों की आंखें वेदना थी, शहीद अपने पीछे परिवार मे दो बेटे और दो बेटियों समेत अपनी पत्नी को छोड़कर इस दुनिया से हमेशा के लिए चल बसे हैं.

वहीं 139 बटालियन के स्टंट कामन्डेड प्रशांत यादव इंस्पेक्टर विजयपाल सिंह के नेतृत्व में 14 सदस्यों की टीम के द्वारा राजकीय सम्मान के साथ जवान को अंतिम सलामी दी गई, सलामी के दौरान अलीगढ़ डीएम व सीडीओ अलीगढ़, उपजिलाधिकारी इगलास, सीओ इगलास,सहित शिक्षामंत्री संदीप सिंह,व बीजेपी जिलाध्यक्ष ,व सपा नेता बिजेंद्र सिंह ,सहित अन्य नेताओं के द्वारा शहीद को सलामी दी गई.

शहीद का शव गांव में आने के बाद गांव के अंदर लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा, गांव मे जैसे ही शाम 7 बजे शहीद नेत्रपाल सिंह का शव गांव मे पहुचां तो गांव मे जिलेभर के लोगों के द्वारा शहीद के अंतिम दर्शन के लिए गांव में लोगों का हुजूम लग गया. तो वही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के द्वारा शहीद के परिवार से एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी और 50 लाख रुपये सहित शहीद के नाम से एक सड़क निर्माण करवाने की बात कही.

अलीगढ़ के जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह के द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया,शहीद का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया है,उनकी शहादत को हमेशा याद किया जायेगा, साथ ही शासन की तरफ से शहीद की पत्नी को 50 लाख रुपये और एक नौकरी दी जाएगी.

वहीं स्टंट कामन्डेड प्रशांत यादव ने कहा सेना शहीद हुए नेत्रपाल सिंह की शहादत को नहीं भूल पाएगी, आज शहीद को राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी गई है,पाक के द्वारा कायराना हरकत करते हुए ग्रेनेड से सेना पर हमला किया गया था जिसमें जवान घायल हो गया था, इलाज के दैरान जवान शहीद हो गया थे आज शहीद के शव को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई है.