देश में लॉकडाउन के दौरान बिहार सरकार द्वारा अपने लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए आज बिहार को ‘डिजिटल इंडिया अवार्ड’ से नवाजा जाएगा. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा बिहार को यह सम्मान दिल्ली के विज्ञान भवन में होने वाले भव्य कार्यक्रम में दिया जाएगा.

बता दें कि बिहार में कोरोना सहायता मोबाइल एप के जरिए बिहार सरकार ने देशभर में लॉकडाउन के दौरान फंसे बिहार के लोगों को 1000 रुपये प्रति व्यक्ति की मदद पहुंचाई. लॉकडाउन में बिहार सरकार ने तकरीबन 21 लाख लोगों को यह राशि उपलब्ध करवाई. साथ ही 1.64 करोड़ राशन कार्ड धारियों को बिहार सरकार ने अग्रिम 3 महीने का राशन और 1000 रुपये की मदद दी.

साथ ही लॉकडाउन के दौरान स्पेशल ट्रेन के जरिए बिहार लौटे प्रवासी मजदूरों को भी राज्य सरकार ने ट्रेन के किराया की प्रतिपूर्ति की. इन प्रवासी मजदूरों को 10000 से भी ज्यादा क्वारंटाइन केंद्रों में रखा गया था. क्वारंटाइन केंद्रों में रह रहे प्रवासी मजदूरों का राज्य सरकार ने स्किल मैपिंग करवा कर एक डेटाबेस तैयार किया और फिर उन्हें उनके कौशल के अनुरूप रोजगार प्रदान करवाया.

सरकारी विभागों की तरफ से आम जनता के लिए तैयार किये गए उत्कृष्ट डिजिटल उत्पाद और सेवाओं के लिए केंद्र सरकार द्वारा दिया जाने वाला ‘डिजिटल इंडिया अवार्ड’ एक राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार है.बिहार सरकार के ‘आपदा संपूर्ति पोर्टल’ को महामारी में अनुकरणीय इनोवेशन के लिए सम्मानित किया गया है. इस पोर्टल को NIC की तकनीकी देखरेख में विकसित किया गया था.

बता दें कि केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारों के विभिन्न विभागों से छह श्रेणियों में 190 प्रविष्टियां पुरस्कार के लिए भेजी गई. मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, आपदा प्रबंधन के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत, अपर सचिव रामचंद्र डू और एनआइसी के शैलेश कुमार श्रीवास्तव और नीरज कुमार को डिजिटल इंडिया अवार्ड के लिए चुना गया.