बलिया के सदर कोतवाली सिनेमा रोड में स्थित दबंग खालिद अंसारी उर्फ़ पूल्ला जिसका फर्जी नाम प्रकाश गुप्ता बताया जा रहा है के द्वारा पत्रकार और उसके माता-पिता को जान से मारने की धमकी दी गई है, जिसके बाद पत्रकार के द्वारा अपनी पीड़ा सोशल साइट पर शेयर करते हुए प्रशासन से खुद की और अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाया है. वही पूरा परिवर इस घटना के बाद डरा और सहमा हुआ है. इस मामले को गम्भीरता से लेते हुए दृष्टांत पत्रिका के पत्रकार के द्वारा ट्वीट कर प्रशासनिक अधिकारियों और मुख्मंत्री को ट्वीट कर सूचना दी गयी, जिसके बाद एडीजी वाराणसी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए बलिया पुलिस को ट्वीट कर कार्रवाई के लिए जिम्मेदारी दी है.

दरअसल राजेन्द्र नगर निवासी खालिद अंसारी जिसका नया मकान सदर कोतवाली घनश्याम कालोनी में मौजूद है, ये व्यक्ति चौक सिनेमा रोड स्थित पन्ना मार्केट की एक दुकान को जबरन अपने चाचा निजामुद्दीन अंसारी को धोखे में रख कब्जा कर लिया है. निजामुद्दीन अंसारी के खिलाफ दुकान खाली करने को लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के द्वारा मकान मालिक के पक्ष में फैसला सुनाया गया. जहां दुकान खाली करने का आदेश हुआ. इसी बीच निजामुद्दीन का भतीजा खालिद धोखे से दुकान पर कब्जा जमा कर मकान मालिक को दुकान न खाली करने को लेकर बार-बार धमकी देता आ रहा है और हमेशा मकान मालिक से विवाद कर जान से मारने की धमकी देता है जो कही न कही दुकान के साथ मकान हड़पने के नियत से है.

वहीं मकान मालिक के पुत्र और सर्कल न्यूज के पत्रकार ने इसका विरोध किया तो खालिद ने दबंगई दिखाते हुए सर्कल न्यूज के पत्रकार और उनके माता- पिता को जान से मारने की धमकी देने लगा. इसके पहले भी कई बार धमकियां दे चुका है खालिद अंसारी और उसके लोग जिसकी सूचना बलिया सदर कोतवाली, एसपी और बलिया जिलाधिकारी को पूर्व में कार्रवाई के लिए लिखित रूप में तहरीर भी दी गई है, लेकिन अब तक कोई कानूनी कार्रवाई नही हुई, ना ही दबंग खालिद अंसारी ने दुकान खाली की.

इस दुकान पर पूर्व से बिजली विभाग के लगभग 4 लाख रुपये की बकाया धनराशि भी है. जिसे जमा न करने के कारण दुकान की बिजली, विभाग के द्वारा काट दी गई है और अब अवैध तरीके से बिजली का प्रयोग भी करता है. खालिद अंसारी जो कही न कही बिजली विभाग को लाखों का चपत लगाने के फिराक में भी है. जिलप्रशासन से अनुरोध है कि इस मामले को तत्काल संज्ञान में लेकर न्यायिक कार्रवाई करते हुए समाज को ऐसे लोगो से निजात दिलाए और समाज हित में अपने कार्यो का निर्वहन करते हुए पीड़ित पत्रकार और उसके परिवार को उनका हक और न्याय के साथ उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी ले ताकि शासन और प्रशासन के होने का विश्वास समाज के लोगो में हो और समाज के श्रेष्ट लोग निडरता से अपना जीवन व्यतीत कर सके.