आम आदमी पार्टी अब उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल मचाने वाली है. दरसअल आम आदमी पार्टी ने 2022 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. अरविंद केजरीवाल के इस ऐलान के बाद से ही बीजेपी और आम आदमी पार्टी में जंग शुरू हो गई है. यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने आम आदमी पार्टी के चुनाव लड़ने को मुंगेरीलाल के सपने बताए हैं.

बता दें कि दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ऐलान करते हुए बताया कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में साल 2022 में होने वाला विधानसभा चुनाव लड़ेगी. ऐसे में अब अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी साल 2022 में सीधे उत्तर प्रदेश में योगी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार को टक्कर देते हुए दिखाई देगी.

जिसके बाद यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने ट्वीट किया कि दो करोड़ की आबादी वाला दिल्ली संभल नहीं रहा 24 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश को संभालने की बात करने वाली पार्टी मुंगेरीलाल के हसीन सपने देख रही है.

वहीं बीजेपी नेता के इस ट्वीट पर आम आदमी पार्टी ने भी पलटवार करते हुए ट्वीट कर लिखा कि भाजपा शासित उत्तर प्रदेश में हो रहे है, देश में सबसे ज्यादा अपराध, देश में सबसे अधिक 13.2% हत्याएं उत्तर प्रदेश में होती हैं. देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध सबसे अधिक 14.7% उत्तर प्रदेश में होते हैं, केशव मौर्य जी इसे आप ‘संभालना’ कहते हैं?

तो वही यूपी सरकार में मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने भी AAP पर हमला करते हुए मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यूपी में AAP का कोई जनाधार नहीं है, और उनका हाल कांग्रेस से भी बुरा होगा. मुफ्त बिजली और मोहल्ला क्लीनिक के मसले पर मंत्री ने कहा कि यूपी में पहले से ही टेलिमेडिसन की सुविधा दी जा रही है, अगर बिजली की बात है तो दिल्ली को केंद्र से अधिक आर्थिक मदद मिलती है. यूपी के लोग आम आदमी पार्टी की बातों में नहीं आने वाले हैं.

आम आदमी पार्टी के यूपी प्रभारी संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता बेरोजगारी, बदहाल शिक्षा- चिकित्सा व्यवस्था और कानून व्यवस्था समेत तमाम समस्याओं से जूझ रही है. इसलिए उत्तर प्रदेश की जनता ईमानदार विकल्प चाहती है.

दरअसल, यूपी में 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी पंचायत चुनाव में अपना दमखम आजमाना चाहती है. बता दें कि आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह अगस्त से लगातार उत्तर प्रदेश का दौरा कर रहे हैं और पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं. यूपी में राज्य सरकार ने उनके खिलाफ दर्जनों मुकदमे दायर कराए हैं. ‘आप’ उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों के साथ 2022 के विधानसभा चुनावों में एंट्री से पहले जमीनी परीक्षण करेगी