उत्तर प्रदेश की अलीगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल किशोरी के साथ रास्ता रोककर की गई थी छेड़खानी. किशोरी व परिजनों को बदनाम करने के लिए गांव के रहने वाले तीन युवकों ने फेसबुक आईडी पर किशोरी का फोटो अपलोड किया. मुकदमा दर्ज होने और घटना के 27 दिन बीत जाने के बाद भी अलीगढ़ पुलिस नहीं पकड़ पाई किशोरी के आरोपियों को, जिसके बाद छेड़खानी की शिकार किशोरी ने कीटनाशक दवा खाकर जान देने की कोशिश की. किशोरी का अस्पताल में इलाज चल रहा. पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की हैं.

बता दें कि अलीगढ़ छेड़छाड़ से तंग 11 कक्षा की छात्रा ने जहर खाकर जान देने का प्रयास किया , स्कूल से लौटते वक्त गांव के तीन युवकों ने छेड़छाड़ की थी, और युवती का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था, पीड़िता की तहरीर पर थानाअध्यक्ष ने मुकदमा नहीं लिखा. वहीं पीड़िता ने सत्ताधारी नेताओं पर भी फैसले का दबाव बनाया, गंभीर हालत में युवती नोएडा के कैलाश हॉस्पिटल में भर्ती है.

अस्पताल के बिस्तर पर मुंह पर ऑक्सीजन लगी जिंदगी और मौत के बीच झूल रही छेड़खानी की शिकार हुई 16 वर्षीय पीड़ित किशोरी ने बताया कि गांव के रहने वाले तीन युवक विपिन उर्फ धर्मवीर,सचिन और गौरव ने किशोरी के ऊपर जबरन फोन पर बात करने का दवाब बनाते हुए फेसबुक आईडी पर फोटो अपलोड करने की धमकी दी गई थी.

दरअसल पिसावा थाना इलाके के गांव नगरिया की रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी पिसावा के एक इंटर कॉलेज में कक्षा 11 की छात्रा है, रोजाना की तरह कल स्कूल से साइकल द्वारा अपने घर वापस आ रही थी. इसी दौरान गांव के बाइक सवार तीन युवक मिले, पीड़िता ने बताया है कि तीनों युवक उसे जबरन खींच कर खेत में ले जा रहे थे, चीख-पुकार की आवाज सुनकर राहगीरों ने छात्रा को बचाया, और आरोपी पिता और भाई को जान से मारने की धमकी देने के बाद मौके से फरार हो गए, छात्रा ने घर जाकर घटना की जानकारी पिता और अपनी मां को दी, पिता युवती को लेकर तत्काल थाने गए, लेकिंन वहां थानाअध्यक्ष ने मुकदमा लिखना भी उचित नहीं समझा, उधर आरोपियों ने छात्रा का एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, परेशान छात्रा ने जहर खा लिया है, गंभीर हालत में छात्रा को नोएडा के कैलाश हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, वहीं पीड़ित युवती और पिता ने कहा है कि राजनीतिक दबाव के चलते आरोपियों के खिलाफ पुलिस मुकदमा दर्ज नहीं कर रही है.

वहीं ग्रामीण पुलिस अधीक्षक शुभम पटेल ने बताया कि 7 नंबमर को थाना पिसावा इलाके के गांव के रहने वाले पीड़ित पिता द्वारा पिसावा थाने पर जानकारी दी गई की उनकी बेटी की फेसबुक आईडी पर कुछ अज्ञात लोगों के द्वारा फोटो अपलोड कर दिए गए हैं. पुलिस ने मामले को तत्काल संज्ञान में लेते हुए मुकदमा अपराध संख्या (184/20)धारा (67 IT) Act के तहत एफआईआरदर्ज की थी. जिसके बाद इस मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दी गई. इस दौरान पीड़ित किशोरी के परिजन ने क्राइम ब्रांच के विवेचक को बताया कि गांव के ही रहने वाले तीन युवकों द्वारा उनकी बेटी को परेशान किया जा रहा है. इस सूचना के बाद युवकों की गिरफ्तारी के लिए आरोपी युवकों के घर पर पुलिस द्वारा दबिश भी दी गई थी. लेकिन आरोपी युवकों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। जिसके बाद आज पीड़ित किशोरी ने आहत होकर कीटनाशक दवा का सेवन किया है.

तो वही इस घटना पर अब क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में तीन टीमों का गठन कर दिया गया है। जो शीघ्र ही आरोपी लड़कों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करेगी। अगर किसी भी स्तर पर पुलिस की तरफ से कोई लापरवाही की सूचना सामने आएगी तो उस पर भी कार्यवाही करके जांच की जाएगी।