बिहार विधानसभा सत्र के आखिरी दिन सदन में जमकर हंगामा हुआ. राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश कुमार पर जमकर हमला किया. तो वही उसके बाद आग बबूला हुए नीतीश कुमार ने तेजस्वी को कफी खरी खोटी सुनाई. लेकिन सदन की कार्यवाही के बाद सीएम नीतीश कुमार ने मीडिया से बातचीत में उस बयान पर भी चुप्पी तोड़ी, जो चुनाव के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा में रहा था रहा.

चुनाव प्रचार के समय लालू यादव पर बेटे की चाह में बेटियों को पैदा करने वाली टिप्पणी को लेकर नीतीश ने कहा कि ये किसी पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की थी, वो केवल मजाक था. जहां मीडिया से बात करतो हुए उन्होंने कहा. हमने तो केवल मजाक में इस बात की चर्चा की थी. हम प्रजनन दर की बात कर रहे थे और इसी संदर्भ में हमने मजाक में कुछ बातें कहीं. कुछ लोगों ने खुद ही इसको अपने बारे में सोच लिया.

वहीं लालू प्रसाद द्वारा बीजेपी विधायक ललन पासवान को जेल से फोन कर अपने पक्ष में करने की कोशिश को लेकर नीतीश कुमार ने कहा कि आरजेडी सुप्रीमो की कोशिश बेकार है और उन्हें इस तरीके का प्रयास नहीं करना चाहिए. साथ ही नीतीश ने कहा कि कोई लाख चाहेगा तभी एनडीए को कोई भी इधर से उधर नहीं कर सकता है. बिहार में सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 122 है और एनडीए के पास 125 है. निर्दलीय विधायक भी हमें समर्थन दे रहे हैं.

बता दें कि चुनाव प्रचार 27 अक्टूबर को वैशाली जिले में एक जनसभा में नीतीश कुमार ने चुनावी मंच से लालू प्रसाद यादव के 9 बच्चों पर तंज कसा था. जो उस समय काफी सुर्खियों में रहा था. नीतीश ने कहा था कि 8-8, 9-9 बच्चे पैदा करने वाले बिहार का विकास करने चले हैं. बेटे की चाह में कई बेटियां हो गईं. मतलब बेटियों पर भरोसा नहीं है. ऐसे लोग क्या बिहार का भला करेंगे?