मध्य प्रदेश से अजीब मामला सामने आया है, जहां कुत्ते के असली मालिक का पता लगाने के लिए पुलिस ने उसका डीएनए टेस्ट करवाया है. बता दें कि हैरान कर देने वाला ये मामला एमपी के होशंगाबाद का है. जहां पुलिस एक कुत्ते का डीएनए टेस्ट करवाने के बाद उस पर मालिकाना हक के विवाद को शांत करने में लगी हुई है.

दरअसल, होशंगाबाद के रहने वाले शादाब खान और कार्तिक शिवहरे नाम के दो युवकों ने लैब्राडोर कुत्ते पर अपना-अपना हक जताया है. शादाब खान नाम के युवक का आरोप है कि कुछ दिनों पहले उसका लैब्राडोर खो गया था. जिसके बाद किसी ने शादाब को जानकारी दी कि एक काले रंग के कुत्ते को पिंजरे में बेचने के लिए रखा गया है. इस पर शादाब वहां ग्राहक बनकर पहुंचा और कुत्ते को खरीदने की बात की. शादाब का कहना है कि इस दौरान जब उसके कहने पर पिंजरे का गेट खोला गया तो उसका कुत्ता उसे पहचान गया और पीछे-पीछे उसके घर तक आ गया और वहां उसके बेटे के साथ खेलने लगा. जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया और कुत्ते को पुलिस थाने लाना पड़ा.

जिसके बाद शादाब ने कुत्ते पर अपना हक जताया तो वहीं कार्तिक शिवहरे नाम के लड़के ने इसे अपना कुत्ता बताया. कार्तिक शिवहरे का कहना है कि उसने पुलिस थाने में कुत्ते के बचपन के फोटो, उसे खरीदने से जुड़े सभी दस्तावेज और उसके ट्रेनर का बयान तक पुलिस को दे दिया है, लेकिन इसके बावजूद सामने वाला पक्ष कुत्ते पर अपना हक जता रहा है, वहीं कार्तिक शिवहरे ने कहा कि इसीलिए अब पुलिस जो भी कार्रवाई करती है मैं उसके लिए तैयार हूं.

वहीं शादाब का कहना है कि जहां से उसने 22 दिन के लैब्राडोर का बच्चा खरीदा था वहां उसका पिता भी है. ऐसे में उसका भी ब्लड सैंपल लिया जाए और कार्तिक शिवहरे के पास जो कुत्ता है उसका भी ब्लड सैंपल लिया जाए. पुलिस ने शुक्रवार शाम को कुत्ते का ब्लड सैंपल लिया है. उसके पिता का ब्लड सैंपल लेकर डीएनए टेस्ट किया जाएगा. कुत्ते का ब्लड सैंपल लेने के लिए देर शाम को वेटरनरी अस्पताल खुलवाया गया और वहां कुत्ते का ब्लड सैंपल लिया गया. अब पुलिस को डीएनए टेस्ट का इंतजार है, इसके बाद ही पता चलेगा की आखिर कुत्ते का असली मालिक कौन है.