दुर्घटना में घायल जिन आवारा बेसहारा गोवंश गायों का इलाज पशु चिकित्सालय अस्पताल में किया जाना चाहिए था. लेकिन अलीगढ़ जिला प्रशासन व नगर निगम और पशु चिकित्सा अधिकारियों की बड़ी लापरवाही के चलते बिना उपचार के बेसहारा गोवंश को निराश्रित बेसहारा गोवंश आश्रय स्थल के अंदर रखा गया. जहां गौशाला के अंदर 5 गायों ने बिना चारे पानी के तड़प तड़प कर दम तोड़ दिया. तो वही कई गायों की हालत नाजुक बनी हुई है.

बता दें कि अलीगढ़ में नगर निगम ने जिस गोशाला का नाम निराश्रित बेसहारा गोवंश आश्रय स्थल रखा है. अगर उस गोवत आश्रय में मृत पाई गई बेसहारा 5 गायों को ठीक से देखभाल करने वाला मिल गया होता तो शायद निराश्रित बेसहारा गोवंश आश्रय के अंदर उनकी मौत नहीं हुई होती. तो वही अलीगढ़ नगर निगम के अधिकारियों ने कहा मृतक गायें दुर्घटना में घायल हुई जिनका उपचार चल रहा था. गंभीर रूप से बीमार गायें भी दुर्घटना में घायल होकर गोशाला में पहुंची हैं.

मृत गायों की सूचना पर पशु चिकित्साअधिकारी, सफाईकर्मी, सहायक नगर आयुक्त टीम के साथ पहुंचे अलीगढ़ नगर निगम के अधिकारियों का कहना है बरौला बाईपास गोशाला में मृत गायें एक्सीडेंट के बाद अलग-अलग जगहों पर दुर्घटना में घायल हुई थी. वहीं अलीगढ़ अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त का कहना है कि मृत गायों के मरने का कारण तो अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है पोस्टमार्टम के बाद ही गायों की मौत के कारणों का पता चल सकेगा. साथ ही अरुण कुमार गुप्त ने बड़ा सवाल? खड़ा करते हुए कहा कि दुर्घटनाग्रस्त गायों का पहले उपचार पशु चिकित्सालय में कराया जाना चाहिए था, और स्वस्थ होने के बाद गायों को गौशाला में लाना चाहिए था. अब ऐसे में सवाल ये उठता है कि आखिर दुर्घटना में घायल गाय अस्पताल के बदले गोशाला में क्यों लाईगीं.