पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ब्रिक्स समूह के 12वें सम्मेलन को संबोधित किया. पीएम मोदी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी वैक्सीन उत्पादन और डिलीवरी क्षमता भी इस तरह मानवता के हित में काम आएगी. बता दें कि कोरोना के चलते इस बार ब्रिक्स सम्मेलन वर्चुअल हुआ. और रूस के प्रधानमंत्री ब्लादिमीर पुतिन ने इस बैठक की अध्यक्षता की. वहीं चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी इस सम्मेलन में हिस्सा लिया.

वहीं सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स देशों के सामने आतंकवाद का मुद्दा भी उठाया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ”आतंकवाद आज विश्व के सामने सबसे बड़ी समस्या है. हमें ये सुनिश्चित करना होगा कि आतंकवादियों को समर्थन और सहायता देने वाले देशों को भी दोषी ठहराया जाए, और इस समस्या का संगठित तरीके से मुकाबला किया जाए. साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ”हमने ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत एक व्यापक सुधार प्रक्रिया शुरू किया है. ये अभियान इस विश्वास पर आधारित है कि एक आत्मनिर्भर और लचीला भारत कोरोना के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए फोर्स मल्टी प्लायर हो सकता है और ग्लोबल वैल्यू चैन में एक मजबूत योगदान दे सकता है.”

पीएम मोदी आगे कहा, ”इसका उदहारण हमने COVID के दौरान भी देखा, जब भारतीय फार्मा उद्योग की क्षमता के कारण हम 150 से अधिक देशों को आवश्यक दवाइयां भेज पाए. हमारी वैक्सीन उत्पादन और डिलीवरी क्षमता भी इस तरह मानवता के हित में काम आएगी. वहीं प्रधानमंत्री ने कहा, ”2021 में BRICS के 15 वर्ष पूरे हो जाएंगे. पिछले सालों में हमारे बीच लिए गए विभिन्न निर्णयों का मूल्यांकन करने के लिए हमारे शेरपा एक रिपोर्ट बना सकते हैं. 2021 में अपनी अध्यक्षता के दौरान हम ब्रिक्स के तीनों स्तंभों में इंट्रा ब्रिक्स सहयोग को मजबूत करने का प्रयत्न करेंगे.