राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में त्योहार के मौसम में कोरोना संक्रमितों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हो रही है. नवंबर में कोरोना के मामलों में बेतहाशा बढ़ोतरी देखी गई है. पिछले 24 घंटे में कोरोना के 8593 नए मामले दर्ज किए गए हैं, जो अबतक एक दिन में सबसे अधिक केस है. इस खतरनाक महामारी से 85 लोगों की मौत हुई है. इतने ही समय में 7,264 लोग रिकवर हुए हैं. इससे पहले सोमवार को 7830 केस सामने आए थे. जबकि  मंगलवार को कोविड-19 के 7830 नए मामले सामने आए थे और 83 लोगों की मौत हुई थी. 

जहां इन दिनों दिल्ली प्रदूषण और कोरोना के डबल अटैक से जूझ रही है. दिल्ली में हवा के जहरीले होने के साथ ही कोरोना के मामले भी रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं. रोजाना दर्ज होने वाले कोरोना मामलों के साथ-साथ मौत के बढ़ते मामलों ने भी चिंता बढ़ा दी है. दिल्ली में कोरोना संक्रमितों की संख्या साढ़े चार लाख के पार है, जबकि 7228 लोगों की मौत हो चुकी है.

बता दें कि दिल्ली में 1 नवंबर से 9 नवंबर तक 581 लोगों की कोरोना से मौत अपनी जान गंवा चुकी है. जबकि 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक दिल्ली में कोरोना की वजह से जान गंवाने वालों का आंकड़ा 1124 था. सितंबर के महीने में अक्टूबर के मुकाबले कुछ कम मौतें हुईं थी. 1 सितंबर से 30 सितंबर तक दिल्ली में 917 लोगों ने कोरोना से जान गंवाई थी. सितंबर के मुकाबले अगस्त में कोरोना से होने वाली मौत का आंकड़ा भी कम था. दिल्ली में 1 अगस्त से 31 अगस्त तक कोरोना से 458 मौतें हुईं थीं. 

वहीं दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 के प्रसार के तीसरे पीक की अवधि पूर्ववर्ती उच्च स्तर से लंबी है लेकिन यह कुछ दिनों में कम हो सकता है. जैन ने कहा कि राजधानी दिल्ली में 16 सितम्बर के आसपास जब कोविड-19 संक्रमण का दूसरा उच्च स्तर (पीक) आया था और जब एक दिन में 4000 से अधिक नये मामले सामने आ रहे थे, उस अवधि के दौरान होने वाली जांच की तुलना में दिल्ली सरकार ने प्रतिदिन आधार पर जांच की संख्या में करीब तीन गुना तक बढ़ोतरी की है.