जहां कल बिहार में एक तरफ 17 ज़िलों की 71 विधानसभा सीटों पर वोटिंग डाले गए. वहीं दूसरी तरफ अन्य सीटों के मतदाताओं को लुभाने के लिए नेताओं की रैलियां भी हुई हैं. पक्ष और विपक्ष के दोनों बड़े स्टार कैंपेनर यानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी बिहार की धरती पर हैं. राहुल गांधी ने पश्चिमी चंपारण में रैली कर महागठबंधन के लिए वोट की अपील की है. साथ ही इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी और बिहार के सीएम नीतीश कुमार पर टिप्पणी भी कीं.

वहीं एनडीए के नेताओं पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए जब राहुल गांधी कह रहे थे कि हमारे अंदर कमी ये है कि हम झूठ में उनका मुकाबला नहीं कर पाते. इसी दौरान स्टेज के सामने से रैली में मौजूद एक शख्स ने पकौड़ा तलने वाली बात याद दिलाई. इस पर राहुल ने अपना भाषण रोका और शख्स से पूछा कि क्या आपने पकौड़ा बनाया है. ये कहते हुए राहुल ने शख्स से कहा कि अगली बार आएंगे तो पकौड़ा बनाकर मोदी और नीतीश को खिला देना.

इससे पहले राहुल गांधी ने रोजगार से लेकर किसानों के मुद्दों पर नरेंद्र मोदी सरकार की जमकर आलोचना की. साथ ही लॉकडाउन के दौरान मजदूरों की स्थिति पर भी सरकार को घेरा. राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने मजदूरों को पैदल भगाया है.

साथ ही किसान कानूनों को लेकर राहुल गांधी ने कहा, “ये जो तीन कानून नरेंद्र मोदी लाए हैं, जिसका पहले पायलट प्रोजेक्ट बिहार में किया गया था. ये तीन कानून हिंदुस्तान के, बिहार के किसानों पर आक्रमण है. आपके खेतो पर आक्रमण है.” उन्होंने कहा कि बिहार में 2006 में मंडी और एमएसपी के सिस्टम को नष्ट किया गया था. बिहार के किसान को अपनी मेहनत के लिए, अपनी खून पसीने के लिए सही दाम नहीं मिल सकता.

वहीं इस दौरान राहुल गांधी ने अपने भाषण में महात्मा गांधी का भी ज़िक्र किया. उन्होंने कहा, “बिहार की शक्ति को समझिए. जब महात्मा गांधी, दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति से लड़ने जा रहे थे. इंग्लैंड उस वक्त दुनिया का सबसे ताकतवर देश था. जब गांधी जी हिंदुस्तान की शक्ति का प्रयोग करने जा रहे थे तो वो हरियाणा नहीं गए, वो केरल नहीं गए वो उत्तर प्रदेश नहीं गए. वो चंपारण गए, वो बिहार में गए. वो इधर आए क्योंकि उन्हें मालूम था अगर हिंदु्स्तान को खड़ा करना है, अगर हिंदुस्तान को अंग्रेज़ों से लड़ना है, तो लड़ाई बिहार से शुरू होगी, चंपारण से शुरू होगी.”