महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को दशहरे के मौके पर आपने भाषण में बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी की ओर से किए गए वादे को लेकर हमला बोला. उद्धव ठाकरे ने कहा कि बिहार चुनाव को देखते हुए बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में सरकार बनने पर मुफ्त कोरोना वैक्सीन देने का वादा किया है, तो फिर अन्य राज्यों के लोग बांग्लादेश या कजाकिस्तान से आए हैं? बीजेपी को शर्म आनी चाहिए. इस संकट की घड़ी में वो राजनीति कर रही है.

साथ ही उद्धव ठाकर ने कहा कि 2014 तक नीतीश कुमार हमारे साथ थे. उस वक्त उन्होंने कहा था कि उन्हें देश में सेक्युलर चेहरा चाहिए तो आखिर उसके बाद क्या हुआ? किसने किसे वैक्सीन दिया? भाषण के दौरान उद्धव ने कहा कि मैं अपील करूंगा कि बिहार के लोग सोच समझकर वोट करें. ठाकरे ने कहा कि देश संकट में है और बीजेपी राजनीति कर रही है. देश किसी के ‘बाप की जागीर’ नहीं है. जीएसटी को रद्द कर देना चाहिए. महाराष्ट्र का जीएसटी बकाया 38000 करोड़ है जो केंद्र ने अभी तक नहीं लौटाया है. महाराष्ट्र जैसे हालात दूसरे राज्यों के भी हैं. केंद्र सरकार को अपने शब्दों का मान रखना चाहिए. जीएसटी की प्रणाली का सबसे पहले शिवसेना ने ही विरोध किया था.

वहीं आरएसएस प्रमुख के भाषण का ज़िक्र करते हुए उद्धव ने कहा कि सुबह संघ संचालक मोहन भागवत ने दशहरा रैली को संबोधित किया, जो लोग उनकी तरह काली टोपी पहनते हैं, जो उनको मानते हैं उन्हें सुनना चाहिए. मोहन भागवत ने कहा कि हिंदुत्व को पूजा से जोड़कर संकुचित किया गया है. मंदिर नहीं खोला तो सेक्युलर, यह बोलने वाले लोग जो काली टोपी पहनते हैं, उनकी टोपी के नीचे अगर दिमाग है तो उन्हें संघ संचालक का भाषण सुनना चाहिए. यह लोग हमारे हिंदुत्व पर सवाल उठा रहे हैं.

दरअसल महाराष्ट्र में कोविड के चलते मंदिर खोलने को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने अब तक इजाजद नहीं दी है. इसे लेकर पिछले दिनों राज्यपाल कोशियारी ने सीएम उद्धव को पत्र लिखकर उनके हिंदुत्व पर सवाल पूछा था.

उद्धव भाषण बीजेपी का वार

उद्धव भाषण पर बीजेपी नेता राम कदम ने कहा कि शिवसेना ने दशहरा रैली सावरकर सभागार से आयोजित करके हिंदुत्व पर सीख दी. सवाल ये है कि सीएम उद्धव वीर सावरकर की प्रशंसा का एक भी शब्द क्यों नहीं बोले? शायद वो अपने नए दोस्तों से डरते हैं जो वीर सावरकर के खिलाफ अपमानजनक बयानों का बार-बार इस्तेमाल करते रहे हैं.

उद्धव भाषण ने सावरकर ऑडिटोरियम में दिया भाषण

बता दें कि महाराष्ट्र में उद्धव सरकार ने राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक सभाओं पर प्रतिबंध लगाया हुआ है, जिसके तहत कोरोना के सुरक्षा प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए दशहरा रैली ऑडिटोरियम में आयोजित करने का फैसला किया गया था. पार्टी की दशहरा रैली पारंपरिक रूप से शिवाजी पार्क मैदान में होती आई है, लेकिन पहली बार दशहरा रैली ऑडिटोरियम में हुई.