बिहार विधानसभा चुनाव में मतदान में अब कुछ दिन ही रहे गए हैं. वहीं पहले चरण के तहत 28 अक्टूबर को बिहार की 71 सीटों पर वोटिंग होगी. तो मतदान से पहले सभी पार्टियों ने अपने प्रचार अभियान तेजी कर दिय है. इस सब के बीच नेताओं की जुबानी जंग भी काफी तेज हो चुकी है. इस दौर में कोरोना से संक्रमित और पटना एम्स में इलाज करा रहे बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने राष्ट्रीय जनता दल के नेता लालू प्रसाद यादव पर ट्वीट के जरिए हमला बोला है. उन्होंने कहा कि लालू को जनता पर भरोसा नहीं, इसलिए वे तंत्र-मंत्र, पशुबलि और प्रेत साधना जैसे कर्मकांड कराते रहे हैं. तीन साल पहले मुझे मारने के लिए भी तंत्रिक अनुष्ठान करा चुके हैं.

बता दें कि इस दौरान सुशील मोदी ने ताबड़तोड़ कई ट्वीट्स किए. उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद को जनता पर भरोसा नहीं, इसलिए वे तंत्र-मंत्र, पशुबलि और प्रेत साधना जैसे कर्मकांड कराते रहे. इसके बावजूद वे न जेल जाने से बचे, न सत्ता बचा पाए. वे अभी 14 साल जेल में ही काट सकते हैं. उन्होंने आगे लिखा, चारा घोटाला में सजायाफ्ता लालू प्रसाद बिहार विधानसभा चुनाव के पहले रांची के केली बंगले में जेल मैन्युअल की धज्जियां उड़ाते हुए नवमी के दिन 3 बकरों की बलि देने वाले हैं. उन्हें आभास हो चुका है कि हाशिये पर पड़े कुछ दलों से गठबंधन और बड़बोले वादे पार्टी की नैया पार नहीं लगा सकते.

साथ ही उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद इतने अंधविश्वासी हैं कि उन्होंने न केवल तांत्रिक के कहने पर सफेद कुर्ता पहनना छोड़ा, बल्कि तांत्रिक शंकर चरण त्रिपाठी को पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता बना दिया. उसी तांत्रिक ने विंध्याचल धाम (मिर्जापुर) में लालू प्रसाद से तांत्रिक पूजा कराई थी. वे तीन साल पहले मुझे मारने के लिए भी तंत्रिक अनुष्ठान करा चुके हैं.

तो वहीं लालू राज के खात्मे पर सुशील मोदी ने कहा कि 2005 में जब जनता ने लालू-राबड़ी के कुशासन को खारिज कर दिया, तब लालू प्रसाद ने मुख्यमंत्री आवास छोड़ने में डेढ़ महीने लगा दिये थे और बाद में कहा कि वे आवास की दीवार में ऐसी तंत्रसिद्ध पुड़िया रख आए हैं कि अब कोई वहां नहीं टिक पाएगा. उन्होंने कहा कि उसी आवास में रहते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 15 साल से बिहार की सेवा कर रहे हैं और राज्य विकास की मंजिलें तय कर रहा है.

तो दूसारी तरफ सुशील मोदी ने अपने एक अन्य ट्वीट में कहा कि 26 मई, 2014 को बीजेपी के शीर्ष नेता नरेंद्र दामोदर दास मोदी ने जब प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, तब लालू प्रसाद ने शपथ ग्रहण के मुहूर्त गोधूलि बेला को अशुभ बता दिया और कहा कि सरकार पांच साल नहीं चलेगी.उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल भारतीय राजनीति का परिदृश्य बदला, बल्कि भ्रष्टाचार-मुक्त सरकार चलाई, जनता को जन-धन खाते दिए, नौ करोड़ गरीबों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिये और सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब भी दिया. तंत्र-मंत्र के अंधभक्त लालू प्रसाद जिस मोदी सरकार के बीच में गिरने के साथ देश में अस्थिरता की कुटिल कामना कर रहे थे, उसने विश्व में भारत का मान बढ़ाया और जनता के अपार समर्थन से शानदार वापसी भी की. देवी-देवता किसी की कुटिल कामना को सफल नहीं बनाते.