उत्तर प्रदेश के जनपद हाथरस कांड की जांच कर रही सीबीआई टीम पिछले कई दिनों से पूछताछ कर मामले की तह तक जाने की कोशिश में लगी हुई है. जहां कथित गैंगरेप की घटना को लेकर सीबीआई की टीम सोमवार के दिन एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंचकर सीबीआई की टीम ने किशोरी का इलाज करने वाले डॉक्टर से पूछताछ की. जिसके बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज के दो डॉक्टरों पर हाथरस कांड को लेकर गाज गिरी है. वहीं सोमवार को सीबीआई टीम की पूछताछ के बाद मेडिकल कॉलेज के कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर दो डॉक्टरों डॉ. उबैद इम्तियाज उल हक और डॉ. मोहम्मद अजीमुद्दीन मलिक को पद से हटा दिया गया है.

बता दें कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर तारिक मंसूर ने जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के दो डॉक्टर को उनके पद से हटा दिया है. दोनों ही डॉक्टर जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर के पद पर तैनात थे. हटाए जाने वाले डॉक्टरों के नाम डॉ ओबैद एवं डॉक्टर मोहम्मद अजीमुद्दीन मलिक है. यह कार्यवाही तब हुई है जब कल कैंपस के अंदर मेडिकल कॉलेज में सीबीआई की टीम छानबीन करने पहुंची थी. सीबीआई की टीम हाथरस गैंगरेप केस की छानबीन कर रही है. हालांकि एएमयू प्रशासन ने पत्र में इन को हटाए जाने कारण छुट्टी पर गए सीएमओ का वापस आया जाना बताया गया है. जिनकी जगह इनको अपॉइंट किया गया था.

दरअसल AMU मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी में तैनात दो कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर लीव पर चले गए थे. जिनकी जगह दो डॉक्टरों डॉक्टरों ओवेद और अजीम मलिक को रखा गया था. क्योंकि वह दोनो डॉक्टर वापस आ गए हैं, जिसके बाद इन दोनों को उनके पद से हटा दिया है. लेकिन यहां एक बात और गौर करने वाली है कि ये दोनो डॉक्टरों हाथरस गैंगरेप केस में पीड़ित लड़की के इलाज में भी शामिल थे. ओर ये कार्यवाही तब हुई जब एक दिन पहले सीबीआई को टीम मेडिकल जांच के लिए पहुंची.

वहीं इस मामले पर हटाये गए डॉक्टर अजीम मलिक का कहना है कि हमको कॉलेज में ड्यूटी करने के लिए बुलाया गया था क्योंकि हमारे अन्य कई सीएमओ को कोविड-19 के दौरान लीव पर जाना पड़ा था. इसलिए हम यहां पर आए थे. बीच में हाथरस वाला भी मामला आया था इसमें लड़की आई थी हम अपनी ड्यूटी करते रहे. हमारा मीडिया में स्टेटमेंट भी आए. हमने स्टेटमेंट दिया था आज हमारे पास एक लेटर आया है जिसमें हम को हटाने के लिए कहा गया है। चिट्ठी में हमें हटाने के लिए उसमें कोई कारण नहीं बताया गया है. हाथरस प्रकरण को लेकर ऐसा कुछ नहीं था, लेकिन एक मामला था FSL रिपोर्ट को लेकर। हमारे पास किसी की कॉल आई थी और उन्होंने हमसे जो पूछा FSL रिपोर्ट को लेकर उस पर हमने उनको जवाब दिया था. हमने भी वीसी को पत्र लिखा है, उम्मीद है कि हमको भी वहां से कोई जवाब मिलेगा.

तो वही दूसरी तरफ डॉक्टर ओबैद ने कहा कि मैं मेडिकल ऑफिसर के पोस्ट पर था. मुझे एक लेटर मिला है कि आपको अपॉइंटमेंट है वह कैंसिल किया जाता है और अब से आप ड्यूटी पर नही आइए. कारण हमें बताया नहीं गया है. यह तो मैं कह नहीं सकता क्या कारण रहा है, हमसे कोई पूछता ही नहीं हुई.

जबकि पूरे मसले पर एएमयू प्रशासन कैमरे पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है.