आगरा में सड़क किनारे लोगों को रोटी खिलाकर अपना गुजारा करने वाली ‘रोटी वाली अम्मा’ इन दिनों परेशान हैं. दरअसल, रोटी वाली अम्मा भगवान देवी के पति का निधन हो चुका है और उनके दोनों बेटे अम्मा को अपने साथ नहीं रखते हैं. जिसके कारण अम्मा अपना पेट भरने के लिए दूसरों का पेट भर गुजारा कर रही है. लेकिन 7 महीने से जारी कोरोना काल में ग्राहक न आने से उनका काम चौपट हो गया है.

बता दें कि अम्मा का वीडियो भी वायरल हो चुका है. पर कोई ज्यादा असर नहीं पड़ा. अम्मा लोगो को 20 रुपये में एक दाल, सब्जी, चावल और रोटी खिलाती है. वह लोगों को भोजन खिलाकर ही गुजारा कर रही हैं. अम्मा पिछले करीब 14-15 सालो से यह काम रही हैं. उनके पास रोटी खाने के लिए मजदूर और रिक्‍शे वाले आते थे, लेकिन महामारी के कारण ग्राहकों की संख्‍या बहुत कम हो गई है.

अम्‍मा की परेशानी यहीं नहीं खत्‍म होती. बल्कि सड़क किनारे काम करने के कारण अम्‍मा को कभी भी हटा दिया जाता है. रोटी वाली अम्मा का कहना हैं कि कोई उनका साथ नहीं दे रहा है. अगर कोई साथ देता तो ऐसी स्थिति में नहीं होती. वे लोगों को खाना खिला कर अपना गुजारा कर रही हैं. आये दिन प्रशासन उन्हें यहां से भी हटा देता है. अम्मा कहना हैं कि ऐसे में वे कहां जाएं. अगर उन्हें कहीं कोई दुकान मिल जाए तो वे अपना गुजारा करती रहेंगी.