पंचांग के अनुसार शनिवार, 17 अक्टूबर यानी आज से आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि शुरू हो रहे हैं. शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व बताया गया है. इसी कारण इन नवरात्रियों का लोगों को इंतजार रहता है. इस नवरात्रि का समापन 24 अक्टूबर को होगा. इस बार की नवरात्रि आठ दिन की होगी, और 25 अक्टूबर को दशहरा मनाया जाएगा.

नवरात्रि का पर्व पूरे 9 दिनों तक मनाया जाता है, लेकिन इस बार एक दिन घट रहा है जिसकी वजह से यह 8 दिन का होगा. माना जाता है कि नवरात्रि का हर दिन अलग अलग माता यानि देवी को समर्पित है. ऐसा कहा जाता है कि नवरात्रि के प्रथम तीन दिनों में मां दुर्गा की ऊर्जा और शक्ति की पूजा की जाती है. चौथे, पांचवें और छठे दिन लक्ष्मी जी और जीवन में शांति प्रदान करने वाली देवी की पूजा की जाती है. नवरात्रि के सातवें दिन कला और ज्ञान की देवी की पूजा की जाती है. अष्टमी की तिथि पर मां महागौरी की पूजा की जाती है और अंतिम दिन यानि नवमी के दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा करने का विधान बताया गया है.

नवरात्रि के प्रथम दिन मां के शैलपुत्री स्वरूप की उपासना होती है. हिमालय की पुत्री होने के कारण इनको शैलपुत्री कहा जाता है. पूर्व जन्म में इनका नाम सती था और ये भगवान शिव की पत्नी थी. सती के पिता दक्ष प्रजापति ने भगवान शिव का अपमान कर दिया था, इसी कारण सती ने अपने आपको यज्ञ अग्नि में भस्म कर लिया था. अगले जन्म में यही सती शैलपुत्री बनी और भगवान शिव से ही विवाह किया.