सीएमओ कार्यालय में अनुबंध पर तैनात ऑपरेटर कर्मचारी को उस समय भारी पड़ गया जब कर्मचारी ने सीएमओ से ऊंची आवाज में बात कर ली. इसके बाद सीएमओ ने कर्मचारी को उसके दो मासूम बच्चों व बीबी सहित 151 की धारा में डीएम कार्यालय से जेल भिजवा दिया.

बता दें कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में अनुबंध पर तैनात डाटाएंट्री ऑपरेटर चंद्रवीर का विभाग में किसी से विवाद चल रहा था इस विवाद की शिकायत मुख्य चिकित्सा अधिकारी भानु प्रताप सिंह से की गई. जिसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा 1 जुलाई को ऑपरेटर चंद्रवीर सिंह की संविदा समाप्त कर दी जिसके बाद चंद्रवीर सिंह उक्त प्रकरण की शिकायत लेकर जिलाधिकारी के पास पहुंचे, जहां जिलाधिकारी ने चंद्रवीर को अपने कार्यालय में ड्यूटी करने को कहा उसी दिन से लगातार चंद्रवीर जिलाधिकारी कार्यालय में नौकरी कर रहे थे तीन महा पूरे हो जाने के बावजूद भी चंद्रवीर को एक दिन की भी तनखा नहीं दी गई.  जिसकी शिकायत चंद्रवीर सिंह के द्वारा आज जिलाधिकारी कार्यालय में की गई तो सीडीओ के द्वारा चंद्रवीर सिंह से कार्यालय से अपने घर जाने का फरमान सुना दिया गया.

वहीं उसके बाद चंद्रवीर सिंह अपने दो मासूम बच्चों और बीवी सहित जिलाधिकारी से मिलने के लिए उनके कार्यालय पहुंचे, जहां पर सीएमओ के द्वारा चंद्रवीर सिंह व उनके बच्चों को एक गाड़ी में भरवा कर थाने भिजवा दिया गया. वीडियो में देख कर आप साफ अंदाजा लगा सकते हैं कि इन दो मासूम बच्चों का क्या कसूर था जिन्हें मुख्य चिकित्सा अधिकारी भानू प्रताप सिंह पिता के साथ जेल भिजवाने का फरमान सुना दिया।