सपा सरकार के समय में आजम खान की भैंस ढूंढने पर चर्चा में आई यूपी पुलिस एक बार फिर भैंस की वजह से ही चर्चा में आ गई है. हालांकि, इस बार पुलिस की सूझबूझ की काफी प्रशंसा भी हो रही है. दरअसल चोरी की एक भैंस को पुलिस बरामद कर थाने ले आई. यहां तक तो सब ठीक था, लेकिन मुसीबत तब आई जब भैंस के दो-दो दावेदार निकल गए. पुलिस भी सोच में पड़ गई कि भैंस को किसे दिया जाए. आखिर में वहां मौजूद एसएसआई ने ऐसी तरीका अपनाई जिससे भैंस के असली मालिक का पता चला गया. जिसके बाद इस एसएसआई की खूब तारीफ हो रही है.

बता दें कि ये मामला कन्नौज जिले के तिर्वा कोतवाली इलाके का है. जहां, तीन दिन पहले अलीनगर के रहने वाले धर्मेंद्र और तालग्राम के वीरेंद्र की भैंस चोरी हो गई थी. दोनों ने भैंस चोरी की शिकायत पुलिस से की. जिसके बाद पुलिस ने चोरी की भैंस को बरामद कर लिया. पुलिस ने इसकी जानकारी धर्मेंद्र और वीरेंद्र को दी. तो दोनों ही उस भैंस लेने पहुंच कए. जिसके बाद पुलिस के सामने सवाल यह था कि आखिर इसका मालिक कौन है

भैंस के दो-दो दावेदार सामने आने के बाद पुलिस के लिए भी मुश्किल हो गई. तभी थाने में मौजूद एक एसएसआई विजयकांत मिश्र ने ऐसी तरकीब अपनाई जिससे भैंस के मालिक का पता आसानी से चल गया. दरअसल, पुलिस ने मालिक को पहचानने का फैसला भैंस पर ही छोड़ दिया. भैंस भी अपने मालिक को पहचान गई और उसके पीछे चल दी. भैंस द्वारा अपने मालिक को पहचानने के बाद दूसरा दावेदार भी सहमत हो गया. एसएसआई के सूझबूझ भरे फैसले की जमकर तारीफ हो रही है.