देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद धीरेंद्र त्रिपाठी का पार्थिव शरीर आज मध्य प्रदेश के सतना जिले में स्थित उनके गांव पहुंचा. गांव वालों ने नम आंखों से शहीद जवान को अंतिम विदाई दी. इस दौरान गांव वालों ने ‘भारत माता की जय’ और ‘CRPF जिंदाबाद’ जैसे नारे भी लगाए. शहीद धीरेंद्र त्रिपाठी के जाने के बाद उनका परिवार गम में डूबा है.

वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुद सतना पहुंचकर शहीद धीरेंद्र त्रिपाठी के परिवार से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी. साथ ही सीएम चौहान ने शहीद धीरेंद्र त्रिपाठी की पत्नी को सरकारी नौकरी और परिवार को एक करोड़ रुपये की मदद देने का ऐलान किया. धीरेंद्र त्रिपाठी बीते दिनों में जम्मू-कश्मीर के सोपोर जिले में आतंकवादी हमले में शहीद हो गए थे.

इस के साथ सीएम ने कहा CRPF के वीर जवान श्री धीरेंद्र त्रिपाठी ने भारत माता की सुरक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है. ऐसे अमर शहीद के चरणों में मैं मध्यप्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता की ओर से श्रद्धासुमन अर्पित करता हूँ. उनका परिवार अब हमारा और मध्यप्रदेश का परिवार है. अमर शहीद धीरेंद्र त्रिपाठी अपना परिवार छोड़कर गए हैं. हम इस परिवार के साथ खड़े हैं. हम धीरेंद्र जी को तो वापस नहीं ला सकते लेकिन सम्मानस्वरूप उनके परिवार को एक करोड़ की श्रद्धा निधि भेंट करेंगे, और गाँव में उनकी प्रतिमा स्थापित करेंगे और परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी दी जाएगी.

बता दें कि सोपोर जिले में हुए आतंकवादी हमले में रायबरेली के रहने वाले शैलेंद्र सिंह भी शहीद हुए थे. शैलेंद्र साल 2008 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे. उनके छह साल के बेटे ने अपने पिता को आखिरी सलामी दी. शैलेंद्र सिंह की अंतिम विदाई के समय हजारों की संख्या में लोग जुटे. इस दौरान लोगों ने ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ के नारे भी लगाए.