अलीगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं. जिसकी वहज है कि सोमवार के दिन अगवा हुई चौकीदार की बेटी को गायब होने के तीन दिन बाद भी पुलिस तलाश नहीं पाई थी.हालांकि परिजनों के कहने पर दरोगा द्वारा गांव के रहने वाले एक युवक को पूछताछ के लिए हिरासत में लेकर छोड़ भी दिया गया.

बता दें कि इलाके की रहने वाली किशोरी अपने घर से तुलसी का पौधा लेने के लिए सोमवार की दोपहर गांव के बाहर बनी मढी पर जा रही थी. उसी दौरान मोटरसाइकिल पर पहले से ही मौके पर खड़े गांव के रहने वाले दो युवकों ने किशोरी को रुमाल में नशीला पदार्थ मिलाकर सुघा के अगवा करते हुए एक अनजान मकान पर ले गए. जिसके बाद दोनों युवकों ने किशोरी के साथ गैंगरेप किया.इतना ही नहीं दो युवकों ने उसे बंधक कर उसके साथ 3 दिन तक दुष्कर्म करते रहे. और बेहोशी की हालत में गांव के निकट स्थित बेरिया के बाग में फेंक कर फरार हो गए.

वहीं गैंगरेप की शिकार पीड़ित किशोरी के पिता ने बताया कि उनकी बेटी घर से तुलसी का पौधा लेने के लिए गांव के बाहर बनी मढी पर गई थी. सोमवार के दिन जब किशोरी घर वापस नहीं लौटी. तो परिजनों द्वारा किशोरी को काफी तलाशने के बाद नहीं मिलने पर परिजनों ने गायब किशोरी की सूचना स्थानीय चौकी प्रभारी को दी. जहां चौकी प्रभारी द्वारा गांव के रहने वाले एक युवक को पूछताछ के लिए एक दिन हिरासत में लेने के बाद छोड़ दिया गया. जिसके बाद किशोरी बुधवार की देर रात करीब 12:00 बजे बदहवास हालत में घर पहुंची. तो परिजनों ने इसकी सूचना गांव के लोगों को दी. जिसके बाद गुस्साए किशोरी के परिजनों और दर्जनों ग्रामीणों के साथ कोतवाली अतरौली पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की.