उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है. जहां प्रतापगढ़ में तैनात एसडीएम विनीत उपाध्याय ने जिले के तमाम बड़े अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है. यही नहीं पीसीएस अधिकारी विनीत उपाध्याय डीएम आवास में धरने पर बैठ गए हैं. धरने में एसडीएम का साथ उनकी पत्नी भी दे रही हैं.

बता दें कि प्रतापगढ़ में पत्नी के साथ डीएम आवास में एक एसडीएम के धरने पर बैठने से ब्यूरोक्रेसी में हड़कंप मच गया है. वहीं धरने पर बैठे एसडीएम विनीत उपाध्याय का आरोप है कि स्कूल की सही रिपोर्ट लगाने के लिए उन पर दबाव बनाया गया था. बताया जा रहा है कि जिले के लालगंज इलाके में संचालित स्कूल की एक रिपोर्ट को लेकर अफसरों ने उन पर दबाव बनाया था.

साथ ही धरने पर बैठे एसडीएम ने प्रतापगढ़ के डीएम रूपेश कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. पीसीएस अधिकारी विनीत उपाध्याय ईमानदार छवि के अधिकारी माने जाते हैं. इस घटना के बाद जिलाधिकारी आवास की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.

हालांकि डीएम डॉ. रूपेश कुमार के साथ एडीएम फाइनेंस तथा अन्य अधिकारी काफी देर तक उनकी नाराजगी का कारण जानने में लगे रहे. वहीं करीब चार घंटे के बाद एसडीएम विनीत उपाध्याय ने धरना समाप्त कर दिया. वह डीएम और एडीएम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा कर धरने पर बैठे थे. प्रतापगढ़ के लालगंज में पट्टा आवंटन मामले में भ्रष्टाचार  के मामले से खफा विनीत उपाध्याय को डीएम की तरफ से पूरे प्रकरण की जांच कराने का आश्वासन मिला है. जिसके बाद वह पत्नी के साथ धरना से उठ गए.  

बता दें कि यूपी में इससे पहले कोरोना किट खरीदने में भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ था. जिसके बाद घोटाले में दो अफसर सस्पेंड किए गए थे और योगी सरकार ने पूरे मामले की जांच करने के लिए एसआईटी गठित कर दी थी.