उत्तर प्रदेश के अंदर सूबे के सरताज कहे जाने वाले योगी आदित्यनाथ के द्वारा बेटियों की आत्मरक्षा को लेकर तरह तरह की योजनाएं चलाई जा रही है,लेकिन जमीनी स्तर पर बेटियां कितनी सुरक्षित है ये बात तो साफ तौर पर दिखाई देरही है,यहां बेटियाँ अपने ही परिवार में सुरक्षित नजर नहीं आ रही है,कारण है आरोपियों के दिल मे पुलिस का खौफ ना होना.

अलीगढ़ में चार साल की मासूम बच्ची बलात्कार के बाद जिंदगी और मौत के बीच झूल रही, वहीं घटना को 3 दिन गुजरने के बाद भी अलीगढ़ पुलिस और प्रशासन मामले को दबाने में जुटा हुआ है. अलीगढ़ में रिश्तो को शर्मसार कर कलंकित करते हुए चार साल की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी की हदें पार कर मौसी के बेटे ने बलात्कार कर अपनी हवस का शिकार बना लिया. जहां बलात्कार के बाद मासूम बच्ची इस वक्त अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच के झूल रही है बच्ची का जिला चिकित्सालय में इलाज कराया गया। जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत को देखते हुए हायर सेंटर रेफर किया है।

वही पीड़ित पिता का कहना है कि बेटी के साथ हुई इस घटना की जब सूचना मिली तो वह सूचना मिलते ही 2 घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंच गए थे लेकिन इस दौरान कोतवाली इगलास पुलिस बलात्कार की घटना का मुकदमा दर्ज करने के बजाए मासूम बच्ची के पिता को इधर से उधर दौड़ती रहीं थी. पुलिस की कार्यप्रणाली से नाखुश पीड़ित पिता ने अलीगढ़ के एसएसपी कार्यालय पहुंचकर अपनी मासूम बेटी के लिए न्याय की गुहार लगाई जहां पीड़ित पिता ने कहा कि कई घंटे के बाद अलीगढ़ के एसएसपी से शिकायत करने पर मुकदमा दर्ज हो सका

जिस मासूम ने अपनी मां की कोख में 9 महीने रहने के बाद जन्म तो ले लिया लेकिन इस दुनिया मैं आकर मासूम बच्ची आंखें खोलते हुए जमीन पर ठीक से कदम भी नहीं रख पाई थी जिसके बाद आज से करीब कुछ महीने पहले मासूम बच्ची की मां की मौत हो गई मां की मौत के बाद मां को मौसी का दर्जा दिया जाता है लेकिन उसी मौसी मां के परिजनों द्वारा चार साल की मासूम बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाते हुए बलात्कार की घटना को अंजाम दिया गया.

दर्द देते हैं यह जख्म जब नासूर बन जाते हैं बात यह नहीं कि जख्म किसने दिए है लेकिन जख्म उस वक्त बड़े बन जाते हैं जब वह जख्म अपनों के ही द्वारा दिए जाते हैं उन्हीं जख्मों का आज यह चार साल की मासूम बच्ची अपने पिता की गोद में लेट कर चिल्लाते हुए उन जख्मों का हिसाब मांग रही है जिस पिता ने अपनी पत्नी की मौत के बाद रहने के लिए अपनी बच्ची को मौसी के हाथों में सौंप दिया गया था, लेकिन इस पिता ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उसकी मासूम बच्ची के साथ में साली के तीन लड़के देवेश 18 साल अंकित उम्र 14 साल कृष्णा उम्र 12 साल ने 4 साल की बच्ची के साथ हैवानियत की हदों को पार करते हुए बलात्कार की घटना को अंजाम दिया .

बता दें कि पूरा मामला अलीगढ़ जिले के कोतवाली इगलास के गांव पिथेर का है जहां अपनी मौसी के यहाँ रह रही चार वर्षीय बच्ची को परिवार के ही वैहसी दरिंदे ने अपनी हवस का शिकार बना लिया,जिसने भी सुना सुनकर दंग रह गया,बच्ची की हालात काफी नाजुक बनी हुई है,परिवार वालों के साथ साथ पूरे गांव में बहसी दरिंदे के खिलाफ रोष व्याप्त है,वहीं आरोपी अब भी फरार बताया जा रहा है चार साल की मासूम बच्ची के साथ बलात्कार की घटना को कई घंटों से ज्यादा समय बीत चुके हैं और अलीगढ़ का प्रशासन और पुलिस प्रशासन इस मामले को दबाते हुए कुछ भी बोलने से साफ तौर पर इंकार कर रहा है