अलीगढ़ नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में हुए प्रदर्शन के बाद भड़की हिंसा के आरोपी शरजील उस्मानी ने एक बार फिर भड़काऊ काम किया है. जमानत पर रिहा उस्मानी ने अपने ट्विटर अकाउंट के कवर पर एक ऐसी फोटो लगाई है जिसमें लिखा है ‘बाबरी दोबारा बनाएंगे, शरजील ने एक ट्वीट कर कहा, ‘आप सभी की प्रार्थनाओं और समर्थन के लिए आप सभी का धन्यवाद. मैं आपके कॉल और संदेशों का जवाब न दे सकने के लिए माफी चाहता हूं. मेरा फोन और अन्य सामान अभी भी एटीएस के पास हैं. मैं डुप्लिकेट सिम कार्ड के माध्यम से इन प्लेटफार्मों तक पहुंच प्राप्त करने में सक्षम हूँ. शारजील ने इस ट्वीट में एक लेटर भी पोस्ट किया है जिसमें एक बार फिर से मुस्लिम आबादी को सरकार और नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ भड़काने की कोशिश की है.

बता दें कि अलीगढ़ में एनआरसी व सीएए के विरोध में प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं में सरजील उस्मानी को जेल भेजा गया था, जो अभी जमानत पर रिहा हुआ है, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र व बीजेपी नेता डॉ निशित शर्मा ने आरोप लगाया है कि शारजील उस्मानी के द्वारा सोशल मीडिया पर भड़काऊ टिप्पणी की जा रही है. जिसको लेकर उन्होंने डीजीपी को भी पत्र लिखा है, साथ ही अलीगढ़ एसएसपी को भी प्रार्थना पत्र दिया है. जिसमें उनके द्वारा थाना सिविल लाइन प्रभारी को कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया है, डॉ निशित शर्मा का आरोप है कि यह लोग हिंदुत्व के खिलाफ लोगों को उकसाने का काम कर रहे हैं.

आपको बता दें कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र शर्जील उस्मानी का एक पोस्ट इन दिनों वायरल हो रहा है. सरजील उस्मानी का फिलहाल अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से कोई ताल्लुक नहीं है. हालांकि सरजील उस्मानी के पिता अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में टीचर है. सरजील उस्मानी को 15 दिसंबर 2019 की रात को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ हुए उग्र प्रदर्शन में मुलजिम था. जिसको आजमगढ़ से एसटीएफ ने गिरफ्तार कर अलीगढ़ की जेल में डाला था. जिसके बाद सरजील उस्मानी अलीगढ़ जेल से जमानत पर रिहा चल रहा है. वही सरजील उस्मानी के जेल से आने के बाद एक बार फिर से हंगामा खड़ा हो गया है. जिसमें सरजील उस्मानी ने बाबरी मस्जिद को दोबारा बनाने और अपने साथ हुए और देश में हो रहे मुसलमानों पर जुल्म की बात को लेकर एक ट्वीट किया है.

वही एसपी क्राइम डॉ अरविंद कुमार ने कहा कि इस तरह का कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं है लेकिन पत्रकारों द्वारा किए गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जानकारी की जा रही है, और अगर किसी प्रकार टिप्पणी की गई है तो उस पर उसी प्रकार से कार्यवाही की जाएगी.