रिपोर्ट-अजय कुमार अलीगढ़ उत्तर प्रदेश

यूपी के अलीगढ़ जिले में लगाए गए हैंडपंप चर्चा का विषय बने हुए हैं. चर्चा हैंडपंप से ज्यादा इसके पास लगी पट्टिकाओं की हैं जिन पर विदेशी भाषा में लिखा गया है. दरअसल छर्रा विधानसभा क्षेत्र में अकराबाद ब्लॉक के खुर्रमपुर व दुभिया गांव में करीब 45 हैंडपंप लगे हैं जिनकी पट्टिकाओं पर अरबी भाषा लिखी है, साथ ही कुवैत का झंडा भी लगा है. पास में भारतीय ध्वज तिरंगा भी लगा है जिसमें 24 की जगह मात्र 8 तीलियां दिख रही हैं. जिसके के कारण लोगों में आक्रोश है. इस पर भाजपा के छर्रा विधायक ने आपत्ति जताई है. मामला गर्माता देख डीएम ने हैंडपम्प लगाने पर रोक लगा दी है. एसडीएम को जांच के आदेश दिए हैं.

दरअसल अलीगढ़ की तहसील कोल क्षेत्र के थाना अकराबाद इलाके के गांव खुर्रम पुर इलाके के अंदर मुस्लिम समुदाय के विशेष व्यक्ति द्वारा गांव के अंदर बिना किसी से अनुमति लिए हेड पंप लगवा दिया गए।. जहां हैंडपंप लगाने के बाद चारों तरफ से चारदीवारी करते हुए शिलालेख लगा दिया गया. जिस शिलालेख के ऊपर कुवैत देश के अरबी भाषा में शिलालेख लगा दिए गए। जिसमें हिंदुस्तान के राष्ट्रीय ध्वज के अंदर 24 तिलिया होने के बाद इस शिलालेख के अंदर भारत का राष्ट्रीय ध्वज के साथ चक्र के अंदर आठ तिलिया दर्शाई गई थी. जिसके बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया है.

वहीं इस बारे में छर्रा विधानसभा से विधायक रविंद्र पाल ने बताया कि अकराबाद के खंड विकास अधिकारी और पिलखना नगर पंचायत के अधिशासी अभियंता सुरेंद्र कुमार से इस संबंध में जानकारी ली है. उन्होंने बताया कि उनके यहां से इस तरह के हैंडपंप नहीं लगाए जाते हैं. विधायक ने इसमें विदेशी साजिश की भी आशंका जताई है. विधायक ने बताया कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनीवर्सिटी के प्रोफेसर से कुवैत की लिखी इस भाषा का अनुवाद कराया जिसके मुताबिक लिखा है, “कुवैत राज्य आपके पक्ष में है, शेख अब्दुल्लाह नूरी चैरिटेबल भारत के भाइयों के लाभ के लिए हैंडपंप स्थापित करता है.’ फिलहाल डीएम ने एसडीएम अनीता यादव को जांच सौंपी है और काम को तुरंत रुकवाने का आदेश दिया है.

बता दें कि हेडपंप लगाने वाला युवक अकराबाद क्षेत्र के गांव खुर्रमपुर का रहने वाला है. तो वही दूसरा युवक गांव पिलखना का रहने वाला है. ये तो जानकारी के बाद पता चलेगा कि आखिर इन लोगों के ऊपर किसका हाथ है। और कौन विदेशी हाथ अपना पैसा खर्च करने के बाद इन लोगों के द्वारा हैंडपंपों को गांव के अंदर लगवा रहा है.

वहीं इस पूरे मामले पर अलीगढ़ के एसएससी मुनिराज जी ने जानकारी देते हुए बताया कि अलीगढ़ के थाना अकराबाद इलाके के खुर्रमपुर, दुबया सहित कुछ अन्य गांवों में शेख अब्दुल्ला चैरिटी सोसाइटी के द्वारा बिना सरकारी अनुमति के बोरवेल हैंडपंप मशीन लगाई गयी है. हैंडपंप के साथ एक शिलालेख बनाया गया था, जिसमें दोनों देशों के राष्ट्रीय ध्वज भी लगाए थे साथ ही अरबी में कुछ लिखा भी गया है. जैसे यह प्रकरण पुलिस के संज्ञान में आया तो पुलिस ने एफ आई आर दर्ज कर ली है और जांच की जा रही है. जांच में पता किया जा रहा है कि इन लोगों के पास पैसा कहां से आया और यह लोग किस संगठन से जुड़े हुए हैं. दोषी पाए जाने पर इन लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवााई की जायेगी.