अलीगढ़- एएमयू में सीएए और एनआरसी के दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमें वापस लेने की मांग उठ रही है. जहां सीएए एनआरसी आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमों को लेकर गुरुवार को बाबे सैयद गेट को कुछ घंटों के लिए छात्रों ने ब्लॉक कर दिया और जिला प्रशासन और एडीजी से एएमयू छात्रों पर प्रदर्शन के दौरान दर्ज राजनीतिक मुकदमें को वापस लिये जाने की मांग की है. एएमयू छात्रों का कहना है कि राजनीति के चलते छात्रों पर फर्जी मुकदमें दर्ज किये गए हैं. किसी भी छात्र पर क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है. छात्रों ने बताया कि सीएए व एनआरसी आंदोलन को दबाने के लिए छात्रों पर जिला प्रशासन और पुलिस के द्वारा छात्रों के ऊपर मुकदमा दर्ज किया गया और छात्रों को कैंपस से उठाकर जेल भेज दिया गया. 

वहीं अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी छात्रनेता जानिब हसन ने बताया कि ऐसे छात्रों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.जिनका कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं था.वही जानिब ने बताया कि ऐसी परिस्थितियों में छात्रों का फ्यूचर खराब ना हो. इसलिए छात्रों को एक मौका देना चाहिए.जिन पर फर्जी मुकदमें लगे हैं.उन छात्रों के ऊपर से खत्म किया जाये. छात्रनेता जानिब ने कहा कि एएमयू इंतजामियां डीएम, एसएसपी और एडीजी से बात कर छात्रों पर लगे मुकदमें को हटवाये.जानिब ने बताया कि 15 दिसंबर को लेकर जो घटना हुई थी उसमें कई छात्रों पर मुकदमें दर्ज किये गए हैं.छात्रों ने कहा कि लोकतांत्रिक देश में अपनी आवाज उठाने का हक सभी को है.

इस दौरान एएमयू प्राक्टर डॉ वसीम ने बताया कि छात्रों की बातों को वाइस चांसलर तक पहुंचाया जाएगा. उन्होंने बताया कि 15 दिसंबर की घटना में बहुत से छात्रों का नाम मुकदमों में आ गया है. छात्रों ने मांग की है कि पुलिस  चार्जसीट से निर्दोष छात्रों का नाम निकाला जाये. वहीं छात्रों ने मांग की है कि उनके खिलाफ डायरेक्ट कोई एफआईआर ना हो. पहले  छात्रों की काउंसलिंग हो. तब पुलिसिया कार्रवाई की जाए. वहीं छात्रों का एक डेलीगेशन एडीजी लॉ एंड ऑर्डर से मिलने की मांग है. जो निर्दोष छात्रों को मुकदमें से बरी करने के लिए मिलने जा सकें.

रिपोर्ट-अजय कुमार अलीगढ़ उत्तर प्रदेश ।