एनपी अध्यक्ष शरद पवार ने BMC द्वारा कंगना रनौत के ऑफिस में तोड़फोड़ किए जाने पर नाराजी जताई है. उन्होंने इसे लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाकात की है. मुख्यमंत्री आवास पर दोनों की बैठक हुई. दोनों के बीच करीब पौने घंटे तक चर्चा हुई. हालांकि दोनों के बीच क्या बातें हुईं इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. लेकिन सूत्रों के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच कंगना के मुद्दे और मराठा आरक्षण पर चर्चा हुई.

बता दें कि इससे पहले शरद पवार ने एक बयान जारी कर कंगना के ऑफिस में BMC द्वारा तोड़फोड़ किए जाने पर नाराजी जताई थी. उन्होंने कहा कि मुंबई में अवैध निर्माण कोई नई बात नहीं है लेकिन जिस हालात में कार्रवाई की गई है उसको लेकर लोगों के मन में संदेह हो गया है. उन्होंने बीएमसी की कार्रवाई को गैर जरूरी बताया है.

उधर दूसरी तरफ BMC की कार्रवाई के बाद कंगना ने महाराष्ट्र सरकार पर हमला बोला है. कंगना रनौत ने ट्विटर पर इस बार उद्धव ठाकरे और करण जौहर पर निशाना साधा है. उन्होंने लगातार दो ट्वीट कर किए. कंगना ने ट्वीट कर लिखा, ‘पिछले 24 घंटों में मेरे कार्यालय को अचानक अवैध घोषित कर दिया गया, उन्होंने मेरे फर्नीचर और टाइट सहित अंदर सब कुछ नष्ट कर दिया है और अब मुझे धमकी मिल रही है कि वे मेरे घर आएंगे और इसे भी तोड़ देंगे, मुझे खुशी है कि मेरा निर्णय सही निकला.

आपको बता दें कि वहीं अब कंगना रनौत के बांद्रा पाली हिल इलाके के दफ्तर की तोड़फोड़ के बाद उनके फ़्लैट पर भी बीएमसी की नजर है. दरअसल, कंगना जिस फ्लैट में रहती हैं उसमें अवैध निर्माण कार्य का आरोप लगाया गया है. मुंबई महानगर न्यापालिका ने कंगना के खिलाफ शिकायत लेकर कोर्ट से उनकी बिल्डिंग तोड़ने की इजाजत मांगी है. जानकारी के लिए बता दें कि सोमवार को ढिंढोसी सिटी सिविल कोर्ट में पालिका ने कोर्ट में अपील की थी. इस घर में साल 2018 में कंगना ने कई बदलाव किए थे. मुंबई महानगर न्यापालिका ने कंगना पर नियमों को तोड़कर बिल्डिंग तैयार करने के आरोप लगाए हैं. इन्हीं आरोपों के चलते मुंबई महानगर पालिका ने एमआरटीपी एक्ट के अंतर्गत कंगना को नोटिस जारी किया था.