उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में मुस्करा थाना क्षेत्र के गहरौली गांव में स्थित प्राचीन मंदिर सैकड़ों साल के इतिहास को संजोये है। स्वतंत्रता संग्राम के आन्दोलन के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर और मुख्यमंत्री एन.डी.तिवारी ने तमाम क्रांतिकारियों के साथ इस मंदिर के तहखाने में शरण ली थी।इसी मंदिर के तहखाने से बुँदे खण्ड का परथम हिदी भाषी अखबार छपने की शुरुआत हुई थी आज यह ऐतिहासिक मंदिर पर्यटन के दायरे में नहीं शामिल होने से अब ये जर्जर होने के मुहाने आ गया है।

बता दें कि हमीरपुर शहर से करीब 50 किमी दूर मुस्करा क्षेत्र के गहरौली गांव में बांके बिहारी जू मंदिर स्थित है। इसका इतिहास सैकड़ों साल पुराना है। मंदिर में पहले अवध बिहारी संत होते थे जिनके चमत्कार को आज भी ग्रामीण याद करते है। मंदिर के मौजूदा पुजारी राजा भइया दीक्षित ने बताया कि जनपद का यहीं एक मंदिर है जो स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को संजोये है लेकिन उपेक्षा के कारण ये मंदिर अब जर्जर होने के मुहाने आ गया है।

उन्होंने बताया कि कई बार इस मंदिर को नये आयाम दिये जाने के लिये शासन को पत्र भेजे गये है मगर अभी तक कोई भी कार्यवाही नहीं की जा सकी। एक बार फिर से इस मंदिर को लेकर पत्र भेजा जायेगा। इधर क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डा.एसके दुबे ने बताया कि इस मंदिर को पर्यटन के दायरे में लाने के लिये प्रस्ताव आने पर सर्वे किया जायेगा।

रिपोर्ट – बीरू गुप्ता हमीरपुर उत्तर प्रदेश।