महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस की पत्नी अमृता फडनवीस ने एक्ट्रेस कंगना रनौत का सपोर्ट किया है. कंगना रनौत ने मुंबई की तुलना पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से करके राजनीतिक विवाद में घिर गई हैं. हालांकि अमृता ने कंगना का नाम नहीं लिया है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बोलने की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति के अधिकार को बचाना चाहिए चाहे हम किसी के साथ सहमत हो या नहीं.

अमृता ने अपने ट्वीट में लिखा,”कोई क्या कहता है उस पर सहमत नहीं हो सकते, लेकिन लोकतंत्र में हमें अभिव्यक्ति के अधिकार को बचाना चाहिए! बोलने की स्वतंत्रता, विश्वास की स्वतंत्रता, आंदोलन की स्वतंत्रता, प्रेस की स्वतंत्रता को दबाया नहीं जा सकता! हमारे पास दलीलें हो सकती हैं लेकिन आलोचकों के पोस्टर को चप्पलों से पीटना गलत है.”

बता दें कि अमृता फडणवीस भी सुशांत सिंह राजपूत केस में मुंंबई पुलिस की जांच पर सवाल उठा चुकी हैं. उन्होंने ट्विटर पर लिखा,”जिस तरह से सुशांत सिंह राजपूत केस की जांच की जा रही है, मुझे लगता है कि मुंबई ने अपनी मानवीयता खो दी है और अब यहां मासूमीयत, सज्जनता के साथ जीने वाले नागरिकों के लिए रहना सुरक्षित नहीं है.”

इससे पहले कंगना रनौत ने कहा था कि उन्हें ‘फिल्म माफिया’ की बजाय डर मुंबई पुलिस से लगता है. उन्होंने कहा था कि ‘बॉलीवुड में ड्रग माफिया’ का पर्दाफाश करने के लिए उन्हें हरियाणा या हिमाचल प्रदेश पुलिस से सुरक्षा की आवश्यकता होगी और वह मुंबई पुलिस से सुरक्षा स्वीकार नहीं करेंगी. इसके बाद से ही पूरा विवाद शुरू हुआ.

दरअसल, बॉलीवुड से ड्रग्स कनेक्शन को लेकर कंगना रनौत ने कई बातें कही हैं. जिसके बाद बीजेपी नेता राम कदम ने कंगना के लिए सुरक्षा की मांग की थी. इस पर अभिनेत्री ने कहा कि उन्हें मुंबई पुलिस की सुरक्षा नहीं चाहिए. उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार या केंद्र सरकार सुरक्षा दे सकती है, मूवी माफिया से ज्यादा मुंबई पुलिस से डर लगता है.