गोरखपुर के डॉ. कफील खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश के बाद रिहा कर दिया गया है. . जेल से रिहा होने के बाद डॉक्टर कफील ने हाईकोर्ट को शुक्रिया अदा करते हुए सरकार से उन्हें दोबारा नौकरी देने की मांग की है जिससे वो संकट के इस दौर में लोगों की मदद कर सकें.

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कालेज के असिस्टेंट प्रोफ़ेसर डॉक्टर कफील को सीएए और एनआरसी के मुद्दे पर भड़काऊ बयान देने के मामले में एनएसए के तहत जेल भेजा गया था. कल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डा० कफील खान पर लगाए गए एनएसए को अवैध करार देते हुए उसे रद्द कर दिया है और उन्हें फ़ौरन जेल से रिहा किये जाने के आदेश दिया था.

वहीं इस फैसले पर कई राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. इस बीच समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सांसद आजम खान की रिहाई का मुद्दा भी उठा दिया है. अखिलेश यादव ने ट्वीट कर लिखा कि हाईकोर्ट द्वारा डॉ. कफील की रिहाई के आदेश का देश-प्रदेश के हम सभी इंसाफपसंद लोगों ने सहर्ष स्वागत किया है. उम्मीद है झूठे मुकदमों में फंसाये गए आजम खान को भी शीघ्र ही न्याय मिलेगा. सत्ताधारियों का अन्याय व अत्याचार हमेशा नहीं चलता.

बता दें कि हाईकोर्ट के आदेश से रिहा होने के बाद अब डॉक्टर कफील अहमद ने सरकार से मांग की है कि उन्हें उनकी नौकरी वापस दी जाए जिससे वो लोगों की इलाज से मदद कर सकें . डॉक्टर कफील का कहना है कि वो बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों की मदद करना चाहते हैं, क्योकि बाढ़ के दौरान इन इलाकों में बीमारियां ज्यादा फैलती हैं .

कफील की रासुका अवधि गत छह मई को तीन माह के लिये बढ़ाया गया था। गत 16 अगस्त को अलीगढ़ जिला प्रशासन की सिफारिश पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने गत 15 अगस्त को उनकी रासुका की अवधि तीन माह के लिये और बढ़ा दी थी।