बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने देश की जानी मानी वकील इंदिरा जयसिंह के एक बयान पर जमकर गुस्सा निकाला. उन्होंने कहा कि इंदिरा जयसिंह जैसी औरतों की कोख से ही बलात्कारी पैदा होते हैं. ऐसी औरतों को बलात्कारियों के साथ 4 दिन जेल में रखना चाहिए. बता दें कि कुछ दिन पहले इंदिरा ने निर्भया की मां आशा देवी से अनुरोध की थी कि उन्हें दोषियों को मांफ कर देना चाहिए. जयसिंह के इस बयान पर तब निर्भया की मां भड़क गई थीं.

निर्भया की मां कहा था कि इंदिरा जयसिंह को इस तरह का सुझाव देने की हिम्मत कैसे हुई. उन्होंने कहा कि वो सुप्रीम कोर्ट में उनसे कई बार मिलीं, लेकिन उन्होंने एक बार भी उनका हाल-चाल नहीं पूछा. आज वो दोषियों के हक में बोल रही हैं. आशा देवी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे लोग बलात्कारियों को सपोर्ट कर अपनी रोजी रोटी चलाते हैं, इसलिए पीड़ितों को इंसाफ नहीं मिलता है.

वहीं अब जब एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कंगना से निर्भया  के मुजरिमों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस बारे में अपना गुस्सा जाहिर किया. कंगना ने कहा कि ऐसे लोगों को फांसी पर लटकाना चाहिए. कंगना ने बताया कि उनमें से एक तो माइनर था. जो रेप करते हैं और जो रेप करने के काबिल हैं उसे किस हिसाब से माइनर बताया जा सकता है. कंगना ने कहा कि जो रिप्रड्यूस कर पा रहा है, जो रेप कर पा रहा है वो माइनर है ही नहीं.  कंगना  ने कहा, ‘ऐसे लोगों को चौराहे पर मारना चाहिए, उनको वहां पर लटका देना चाहिए. उनको पता होना चाहिए कि रेप क्या होता है और इसकी सजा क्या होती है’.

साथ ही कंगना ने कहा कि इतने साल से जो कुछ भी निर्भया के माता-पिता झेल रहे हैं, उनकी पूरी फैमिली की क्या हालत हो गई होगी. कहां जाएंगे वे इतना संघर्ष करके, ये कैसा समाज है जो चुपचाप मारने का क्या फायदा यदि आप कोई उदाहरण ही सेट नहीं कर पा रहे हैं. उनको चौराहे पर मारना चाहिए, लटका देना चाहिए. कंगना रनौत इस मामले में काफी गुस्से में नजर आईं और इसकी चपेट में वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह भी आ गईं. कंगना ने उन पर हमला बोलते हुए कहा कि इंदिरा जयसिंह जैसी औरतों की कोख से ही बलात्कारी पैदा होते हैं. ऐसी औरतों को बलात्कारियों के साथ जेल में रखना चाहिए.

गौरतलब है कि दिल्ली की  पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया रेप केस के चारों दोषियों को मौत की सजा सुनाई है. इन्हें 1 फरवरी को सुबह 6 बजे फांसी दी जानी है. इस से पहले चारों को 22 जनवरी को फांसी की सजा दी जानी थी, लेकिन फिर एक दोषी की दया याचिका दायर होने के बाद नया डेथ वारंट जारी करना पड़ा. हालांकि उसकी भी दया याचिका खारिज हो चुकी है और इसलिए अब चारों को 1 फरवरी को फांसी दी जाएगी.