इराकी राजधानी के हाई-सिक्योरिटी ग्रीन जोन में स्थित अमेरिकी दूतावास पर एक बार फिर  रॉकेट दागे गए. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार दो रॉकेट दूतावास के पास आकर गिरे. फिलहाल इस हमले में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है. वहीं रॉकेट दागने के तुरंत बाद पूरे क्षेत्र में रॉकेट से हमला होने का अलार्म बजने लगा. एएनआई ने बताया कि मंगलवार को बगदाद के ग्रीन जोन में कत्यूषा रॉकेट गिराए गए. समाचार एजेंसी कहा कि रॉकेट बगदाद के बाहर जफरनियाह जिले से लॉन्च किए गए थे.

बता दें कि ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की हवाई हमले में मौत के बाद से ही क्षेत्र में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ा है. इसके बाद नए साल में कई बार ग्रीन जोन में हमले की वारदातें सामने आ चुकी हैं. इससे पहले 4 जनवरी को अमेरिकी दूतावास पर हमला किया गया था. उसके बाद 6 जनवरी को अमेरिकी ठिकाने पर भी रॉकेट दागे गए थे. 8 जनवरी को अल असद और इरबिल के दो सैन्य ठिकानों पर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइल दागी गए थी. इसके बाद 13 जनवरी को एयरबेस पर हमला किया गया. वहीं 15 जनवरी को भी इराकी एयरबेस पर एक बार रॉकेट से हमला किया गया था. वहीं अमेरिका ने ग्रीन-जोन पर हाल के वक्त में इसी तरह के हमलों के लिए ईरान समर्थित अर्धसैनिक समूहों को दोषी ठहराया है.

जहां ईरान के कुद्स फोर्स के जनरल कासिम सुलेमानी की अमेरिकी ड्रोन हमले में मौत हो गई थी. वहीं अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या को लेकर एक नई वजह बताई है. रिपब्लिकन पार्टी को दान देने वालों के एक समूह को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि कुद्स फोर्स के जनरल हमले से पहले तक अमेरिका के बारे में बड़ी खराब बातें कर रहे थे. जिस वजह से उन्हें मारने का आदेश देना पड़ा. अमेरिकी मीडिया सीएनएन ने ट्रंप की पार्टी के लिए फंड जुटाने वाले एक शख्स के बयान के हवाले से कहा कि ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि हम उन्हें और कितना बर्दाश्त करते? ट्रंप ने व्हाइट हाउस से सुलेमानी पर हमले का पूरा दृश्य देखा था. उन्होंने फ्लोरिडा के एक क्लब में आयोजित एक समारोह द्वारा जिक्र किया.