जेपी नड्डा  को बीजेपी  का नए राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया है. राधामोहन सिंह ने जेपी नड्डा के अध्यक्ष चुने जाने की घोषणा की. जहां सोमवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए  नामांकन दाखिल किए गए थे. नामांकन दाखिल करने का आखिरी समय सोमवार दोपहर 12.30 बजे तक था. इसमें जेपी नड्डा को छोड़कर किसी और ने नामांकन ही नहीं भरा, तो वहीं 2:30 बजे तक नाम वापस लेने का आखिरी समय था. क्योंकि इसके लिए किसी और ने नामंकन नहीं दिया, जिस वजह से जेपी नड्डा बीजेपी के निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए है.

जेपी नड्डा इस समय हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं और RSS के जरिए पार्टी में जमीनी स्तर पर काम करते आए हैं. नड्डा बीजेपी के 11वें राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं. वो तीन साल तक इस पद पर रहेंगे. इस दौरान दिल्ली के बाद बिहार, बंगाल, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु समेत कई बड़े राज्यों के विधानसभा चुनाव होने हैं, जो उनके लिए बड़ी चुनौती होगी.

आपको बता दें कि इस समय के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का कार्यकाल पिछले साल ही खत्म हो गया था, लेकिन लोकसभा चुनाव को देखते हुए उनके कार्यकाल को बढ़ाया गया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के साथ नड्डा का कफी नजदीकी रिश्ते रहे हैं. मोदी जब हिमाचल के प्रभारी थे तब से दोनों के बीच अच्छे समीकरण देखे जाते रहे हैं. मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में नड्डा ने स्वास्थ्य मंत्रालय भी संभाला था.

आगर बात कि जाए  जेपी नड्डा  के राजनीतिक करियर की तो वो जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, केरल, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के प्रभारी और चुनाव प्रभारी रहे. जिसके साथ ही बीजेपी में उनका कद लगातार बढ़ता रहा. उन्हें बीजेपी की निर्णय लेने वाली सबसे बड़ी संस्था बीजेपी संसदीय बोर्ड का सदस्य बनाया गया. यही नहीं, वो बीजेपी के केंद्रीय इलेक्शन कमेटी के सदस्य भी बने.अमित शाह ने 2019 के लोकसभा चुनाव में नड्डा को यूपी का जिम्मा सौंपा यहां पर उन्होंने गुजरात बीजेपी के नेता गोवर्धन झड़पिया के साथ काम किया और पार्टी को 50 फीसदी से ज्यादा वोट और 64 सीटें दिलाईं.