ईरान के सैन्य कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी के मारे जाने के बाद  ईरान  से जारी तनाव के बीच अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर मिसाइल हमले के बाद अमेरिकी  राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश को संबोधित किया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हमले के कुछ घंटे बाद अमेरिकी समयानुसार बुधवार सुबह अपने संबोधन में ट्रंप ने सभी अमेरिकी सैनिकों के सुरक्षित होने की बात कही. इसी के साथ  ईरान पर नए आर्थिक प्रतिबंधों का एलान भी कर दिया. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को अपनी सैन्य ताकत के इस्तेमाल की जरूरत नहीं है, उसके आर्थिक प्रतिबंध ही ईरान से निपटने के लिए काफी हैं.

वही ट्रंप ने ये भी कहा कि उनके राष्ट्रपति रहते ईरान परमाणु शक्ति संपन्न नहीं हो पाएगा. ट्रंप ने कहा कि हमें ईरान के साथ मिलकर ऐसा समझौता करना चाहिए, जो दुनिया को सुरक्षित बनाए. ट्रंप यह कहने से भी नहीं चूके कि अमेरिका ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो चुका है और उसे पश्चिम एशिया के तेल भंडार की कोई जरूरत नहीं है. उन्होंने ईरान से आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (IS) के खिलाफ मिलकर लड़ने को कहा.

बता दे कि इराक की राजधानी बगदाद में फिर अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाकर दो रॉकेट्स दागे. न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार रॉकेट्स ग्रीन जोन में गिरे. इस हमले में किसी नुकसान की खबर नहीं है. वहीं इराकी सेना ने भी हमले की पुष्टि की है. गौरतलब है कि ईरान ने दो दिन पहले भी अमेरीकी दूतावास को निशाना बनाकर मिसाइल हमला किया था. तब भी मिसाइलें ग्रीन जोन में अमेरिकी दूतावास से कुछ दूर गिरी थीं. इस हमले में भी कोई नुकसान नहीं हुआ था. एक दिन पहले भी ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर दर्जन भर मिसाइलें दागी थीं.

हालांकि ईरान ने इस हमले में 80 अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया था, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति ने सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने हमले की पुष्टि की, लेकिन साथ ही दावा किया कि इसमें किसी अमेरिकी सैनिक या इराकी को नुकसान नहीं हुआ है. ईरान के नेता अयातुल्लाह खुमैनी ने हमले को अमेरिका के गाल पर करारा तमाचा बताया था.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा

इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के मिसाइल हमले में हमें कोई भारी नुकसान नहीं हुआ है और न ही किसी अमेरिकी की मौत हुई है। सिर्फ सैन्य ठिकाने को थोड़ा बहुत नुकसान पहुंचा है. ट्रंप ने एक बार फिर दोहराते हुए कहा कि ईरान को परमाणु ताकत बनने का अपना सपना छोड़ देना चाहिए. व्हाइट हाउस से राष्ट्र के नाम संबोधन में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जब तक मैं राष्ट्रपति हूं, ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति कभी नहीं दी जाएगी. अमेरिका के पास कई ताकतवर मिसाइलें हैं, लेकिन हम शांति चाहते हैं और उनका इस्तेमाल करना नहीं चाहते.