नए साल के दिन आज देश को पहला शेफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) मिला है. मंगलवार को सेना प्रमुख के पद से रिटायर हुए जनरल बिपिन रावत ने आज सीडीएस के रूप में पदभार संभाला लिया . बुधवार सुबह बिपिन रावत को तीनों सेनाओं की तरफ से गार्ड ऑफ उनर दिया गया. पिछले काफी सालों से इस पद के लिए मंथन चल रहा था, पर अब जाकर सरकार ने इस पद का गठन कर दिया.

बिपिन रावत ने  CDS का पदभार संभालने से पहले दिल्ली के वॉर मेमोरियल में जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी. देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पदभार संभालने के बाद बुधवार को बिपिन रावत ने कहा कि CDS का काम तीनों सेनाओं को एकजुट बनाना है, हम इसी ओर आगे बढ़ेंगे. अब आगे की कार्रवाई टीम वर्क के जरिए होगी, CDS सिर्फ सहयोग करेगा. इस जोड़ को 3 नहीं, 5 या 7 बनाएंगे. जो भी संसाधन हैं, उसपर काम करते हुए आगे बढ़ेंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि हमारा पूरा फोकस तीनों सेनाओं को एक साथ करना होगा. इससे अलग जो काम हमें मिलेगा, हम उसपर आगे बढ़ेंगे. अगर सरकार ने तीन साल का कार्यकाल दिया है, तो कुछ सोच समझकर ही दिया होगा.

आपको बता दें कि बिपिन रावत 31 मार्च, 2023 तक सीडीएस रहेंगे. जनरल रावत 16 दिसंबर, 1978 को 11 गोरखा रायफल्स की पांचवीं बटालियन में नियुक्त हुए थे और एक जनवरी, 2017 से देश की थल सेना के प्रमुख हैं. रक्षा मंत्रालय ने रविवार को थल सेना, नौसेना और वायुसेना के नियमों में संशोधन किया था. संशोधन के बाद चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ 65 साल की उम्र तक अपनी सेवाएं देगा.