राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. हड्डियों को जमा देने वाली हवा की वजह से लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है.बीते कुछ दिनों से पारा पांच डिग्री के नीचे ही रह रहा है. दिल्ली में ठंड ने 118 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है और अब सोमवार को भी पारे ने गिरावट का नया रिकॉर्ड कायम कर दिया. सप्ताह के पहले दिन दिल्ली-एनसीआर में विजिबिलिटी पूरी तरह से ज़ीरो है, जिससे आम जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. राजधानी दिल्ली में सोमवार सुबह की शुरुआत 2.6 डिग्री के साथ से हुई, जबकि पालम में पारा 2.9 डिग्री रहा.

वहीं आज दिल्ली कोहरे की चादर में लिपटी नजर आ रही है. कई इलाकों में विजिबिलिटी शून्य है. कोहरे का असर रेलवे और हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है. कई फ्लाइट्स की टाइमिंग में बदलाव किया गया है और उन्हें डाइवर्ट किया गया है. पायलटों को प्लेन की लैंडिंग में दिक्कतें आ रही हैं. साथ ही रेलवे की ओर से जानकारी दी गई है कि कम विजिबिलिटी की वजह से 30 ट्रेनें देरी से चल रही हैं.

सोमवार देर रात से ही दिल्ली घने कोहरे की चादर में लिपटी नजर आई. कोहरे के साथ चल रही ठंडी हवाओं से ठिठुरन बढ़ गई. रविवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. कड़ाके की ठंड पड़ने पर दिल्ली में बने सभी रैन बसेरों में भी लोगों की संख्या में इजाफा देखने को मिला. मौसम विभाग ने रविवार को आठ राज्यों में रेड अलर्ट भी जारी किया गया. जिसमें पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्यप्रदेश में भीषण सर्दी को लेकर चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग अनुमान है कि एक से दो जनवरी के बीच यूपी, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली समेत कुछ राज्यों में बारिश हो सकती है. जाहिर है कि बारिश के बाद तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है.

वहीं दूसरी ओर उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी ठंड लगातार बढ़ती जा रही है. इस हफ्ते ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का अनुमान है. दिसंबर मध्य में यहां बर्फबारी होने से ठंड बढ़ गई थी. अब इस हफ्ते इन राज्यों के मैदानी हिस्सों में बारिश के चलते पारा और गिर सकता है. दोनों राज्यों के कुछ इलाकों में तापमान -5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. स्थानीय प्रशासन लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है. बर्फबारी का लुत्फ लेने के लिए कई राज्यों से सैलानी भी यहां पहुंच रहे हैं.