महाराष्ट्र की सत्ता से बाहर होने के बाद अब बीजेपी के हाथ से झारखंड भी फिसल गया है. झारखंड में जेएमएम, कांग्रेस और आरजेडी गठबंधन को प्रचंड बहुमत मिला है. एक साल में राममंदिर और नागरिकता संशोधन कानून जैसे बड़े फैसले आने के बाद बीजेपी ने पांच राज्यों राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और अब झारखंड में भी सत्ता गंवा दी है.

आपको बता दें कि 81 सदस्यीय विधानसभा में जहां महागठबंधन ने बहुमत से ज्यादा 47 सीटें जीतीं हैं, तो वहीं सत्तारूढ़ बीजेपी  सिर्फ 25 सीटों पर ही सिमट कर रहे गई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हेमंत सोरेन अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ 27 दिसंबर को रांची के मोरहाबादी मैदान में शपथ ग्रहण करेंगे.

चुनावों में बीजेपी का मिशन 65 यानी 65 सीटें जीतने का दावा ध्वस्त हो गया. इसी के साथ ही यह रिकॉर्ड भी कायम रहा कि झारखंड राज्य के गठन के 19 साल में कोई भी सत्तारूढ़ पार्टी वापसी नहीं कर सकी है. चुनाव में मुख्यमंत्री रघुवर दास समेत बीजेपी के 5 बड़े मंत्री भी हार गए.

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झारखंड में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हेमंत सोरेन

झारखंड में प्रचंड बहुमत मिलने के बाद महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हेमंत सोरेन आपने पिता शिबू सोरेन से मिलने पहुंचे और उनका आशीर्वाद लिया. 15 नवंबर, 2000 को बिहार से अलग होकर नया राज्य बनने के बाद झारखंड में 19 साल में पांचवीं बार सोरेन परिवार को सत्ता मिलने जा रही है. हेमंत के पिता तीन बार राज्य के सीएम रहे तो वहीं, हेमंत दूसरी बार सीएम पद संभालेंगे.

पिता के समर्पण और परिश्रम का नतीजा

महागठबंधन के सीएम पद के उम्मीदवार हेमंत सोरेन ने कहा कि यह परिणाम पिता शिबू सोरेन के समर्पण और परिश्रम का नतीजा हैं. आज जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के संकल्प का दिन है. अब राज्य के लिए एक नया अध्याय शुरू होगा, ये मील का पत्थर साबित होगा, उम्मीदें नहीं टूटेंगी. नौजवान, किसान, महिला, व्यापारी, बूढ़े-बच्चे, मजदूरों सभी की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे.